गुरुग्राम शहरवासियों को राहत देने के उद्देश्य से तैयार की गई सदर बाजार क्षेत्र की बहुचर्चित मल्टीलेवल पार्किंग एक बार फिर विवादों में घिर गई है। करीब 55.20 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह पार्किंग पांच दिन भी सुचारु रूप से नहीं चल सकी और बुधवार को इस पर ताला लग गया।
निगम अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी द्वारा बैंक गारंटी जमा नहीं करवाने के कारण पार्किंग को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, जबकि राजनीतिक गलियारों में इसे दो भाजपा नेताओं के बीच उद्घाटन को लेकर चली खींचतान का परिणाम माना जा रहा है।
उद्घाटन के बाद भी शुरू नहीं हो सकी व्यवस्था
मुख्यमंत्री द्वारा 30 दिसंबर को मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया गया था, लेकिन इसके बाद भी पार्किंग आम लोगों के लिए शुरू नहीं हो सकी। नगर निगम चार महीने तक इसके संचालन और रखरखाव के लिए एजेंसी तय नहीं कर पाया।
इसके बाद एक मई को विधायक मुकेश शर्मा ने नारियल फोड़कर पार्किंग को दोबारा शुरू कराया और 15 दिन तक मुफ्त पार्किंग सुविधा देने की घोषणा की गई। हालांकि व्यवस्था पांच दिन भी ठीक से नहीं चल सकी और बुधवार को पार्किंग बंद कर दी गई।
बैंक गारंटी काे भी बताया एक वजह
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग निर्माण करने वाली एजेंसी अमर बिजनेस ने 55 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा नहीं करवाई है। इसी कारण एजेंसी को पूर्ण रूप से संचालन की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों का दावा है कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी होते ही पार्किंग को दोबारा खोल दिया जाएगा।
मेयर बोलीं-सेंसर और हैंडओवर प्रक्रिया अभी अधूरी
मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि पार्किंग में सेंसर और अन्य तकनीकी कार्यों का हैंडओवर अभी पूरा होना बाकी है। एजेंसी के साथ एलओआइ (आशय पत्र) जारी हो चुका है और जल्द ही सभी प्रक्रियाएं पूरी कर पार्किंग दोबारा शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम शहरवासियों को बेहतर पार्किंग सुविधा देने के लिए प्रयासरत है।
206 कारों और 190 बाइकों की क्षमता
नगर निगम द्वारा सदर बाजार के समीप बनाई गई यह छह मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग शहर के सबसे बड़े पार्किंग प्रोजेक्ट्स में शामिल है। भवन में भूतल और पहली मंजिल पर दुकानों का निर्माण किया गया है, जिन्हें निगम लीज पर देगा।
इसके अलावा तीन भूमिगत तल पार्किंग के लिए बनाए गए हैं। यहां एक साथ 206 कार और 190 बाइक खड़ी करने की क्षमता है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को अभी तक स्थायी रूप से पार्किंग सुविधा नहीं मिल पाई है।