केंद्र सरकार वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों से घिरी राजेश एक्सपोर्ट को बैट्री स्टोरेज से जुड़ी उत्पादन प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के लाभार्थियों से हटा सकती है। सूत्रों के अनुसार, भारी उद्योग मंत्रालय आने वाले समय में इस पर फैसला कर सकता है।
मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, विभाग में यह “मजबूत राय” है कि कंपनी को इस स्कीम से हटा दिया जाना चाहिए। यह मामला भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी के सामने रखा जाएगा। एक सूत्र ने कहा कि आने वाले दिनों में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
बता दें कि बीते सप्ताह ही सेबी ने अंतरिम आदेश में आरोप लगाया कि सोने के गहने बनाने और निर्यात करने वाली कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स ने वित्त वर्ष 2020-21 और 2024-25 के दौरान अपनी आय को बढ़ा-चढ़ाकर 15.15 लाख करोड़ रुपये दिखाया। यह रकम उस अवधि में उसकी सब्सिडियरी कंपनियों की कुल आय का लगभग 99.8 प्रतिशत थी।