सरकार ने केरल का नाम केरलम करने से संबंधित विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया। केरल विधानसभा ने केरल का नाम बदलकर केरलम करने से संबंधित प्रस्ताव दो साल पहले पारित किया था।
केरल सरकार ने जून 2024 में राज्य की विधानसभा द्वारा नाम बदलने के संबंध में पारित प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। इसके बाद राष्ट्रपति ने राज्य विधानसभा को अपनी राय देने के लिए एक विधेयक भेजा और बाद में राज्य विधानसभा ने विधेयक से सहमत होते हुए सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया।
कई मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के बीच गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 पेश किया।
विधेयक के उद्देश्यों में कहा गया है कि केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक में केरल राज्य के नाम में परिवर्तन का प्रविधान है। इसमें संविधान के प्रविधानों में आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव भी शामिल है।
इस विधेयक के जरिये संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन किया जाएगा, जिसमें केरल के नाम को केरलम में संशोधित किया जाएगा। यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद तीन के अनुसार होगा।
संविधान का अनुच्छेद तीन संसद को नए राज्यों के गठन और मौजूदा राज्यों के क्षेत्रफल, सीमाओं या नामों में परिवर्तन करने का अधिकार देता है। इसके तहत संसद साधारण बहुमत से देश के आंतरिक राजनीतिक मानचित्र में फेरबदल कर सकती है।