नागा शॉल से लेकर हॉर्नबिल फेस्टिवल की धूम तक… तस्वीरों से भी ज्यादा खूबसूरत है नागालैंड की असली संस्कृति…

 क्या आप जानते हैं भारत के पूर्वोत्तर में बसे नागालैंड को लैंड ऑफ फेस्टिवल्स भी कहा जाता है। इस राज्य की जनजातीय विरासत, खूबसूरती और संस्कृति इसे खास बनाती हैं। यहां का हॉर्न बिल फेस्टिवल दुनियाभर में मशहूर है। यहां की पहाड़ियां, घने जंगल और सुंदर घाटियां इस राज्य को इसकी खास पहचान देते हैं। आइए जानें नागालैंड की खासियत के बारे में। 

प्राकृतिक सुंदरता

नागालैंड की प्राकृति सुंदरता पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां की जुकू घाटी अपनी हरी-भरी पहाड़ियों और जुकू लिली के फूलों के मशहूर है। समुद्र से 2,452 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह घाटी ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए जन्नत से कम नहीं है।

नागालैंड की राजधानी कोहिमा में द्वितीय विश्व युद्ध में क्या कीमत चुकानी पड़ी थी इसकी झलक देखने को मिलती है। यहां का कोहिमा युद्ध कब्रिस्तान द्वीतिय विश्व युद्ध में मारे गए सैनिकों की याद में बनाया गया था। मोकोकचुंग आओ नागा जनजाति का सांस्कृति केंद्र है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और परंपराओं के लिए जाना जाता है। 

नागालैंड का खोनोमा गांव अपनी ईकोलॉजी और कंजर्वेशन के लिए जाना जाता है। यहां शिकार पूरी तरह बैन है और चारों ओर हरियाली देखने को मिलती है।

संस्कृति और जनजातीय जीवन

नागालैंड में मुख्य रूप से 16 जनजातियां रहती हैं, जो अपनी खास भाषा, वेशभूषा, परंपराएं और सामाजिक संचरना के लिए जाना जाता है। इन जनजातियों का पहनावा, खान-पान और प्रकृति के लिए गहरा सम्मान देखने को मिलता है। 

हस्तकला और पारंपरिक कला

नागालैंड की नागा शॉल अपनी खास पहचान रखता है। इस शॉल की बुनाई, रंग और पैटर्न इसकी खासियत हैं। नागा लोग बांस से क्राफ्टिंग का काम काफी खूबसूरत तरीके से करते हैं। बांस की टोकरियां, चटाई या घर का सामान बांस से बहुत खूबसूरत तरीके से बनाया जाता है। नागा कारीगर लकड़ी से पारंपरिक बर्तन, दरवाजे और सजावटी सामान बनाने में भी काफी कुशल होते हैं। 

त्योहारों की भूमि

नागालैंड को त्योहारों की भूमि भी कहा जाता है। हर हर साल दिसंबर के महीने में किसामा हेरिटेज विलेज में हॉर्नबिल फेस्टिवल मनाया जाता है। यह नागालैंड का सबसे बड़ा सांस्कृति उत्सव है। इसमें सभी जनजातियां एक साथ आकर अपना पारंपरिक संगीत और नृत्य पेश करते हैं। 

इसके अलावा आओ जनजाति का मोत्सु और अंगामी जनजाति का सेकेरेनी त्योहार फसलों की कटाई और खुशहाली के लिए बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। 

नागालैंड का खान-पान

नागालैंड का खान-पान सादा होता है, लेकिन उनकी अपनी अलग पहचान होती है। यहां के खाने में बांस के कोंपले और फर्मेंटेड सोयाबीन का काफी इस्तेमाल होता है। यहां दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक भूत जोलोकिया की चटनी बनाई जाती है, जो खाने को एक खास स्वाद देता है। यहां के खाने में तेल का बिल्कुल न के बराबर इस्तेमाल होता है और उबला हुआ या भाप पर पका खाना ज्यादा पसंद किया जाता है।

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