बच्चों से लेकर बुजुर्गों और मरीजों तक-हर कोई जाम की मार से बेहाल रहा; मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर 32 घंटे बाद यातायात बहाल हुआ…

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मंगलवार शाम से जो मुसीबत शुरू हुई, उसने बच्चे, बुजुर्ग से लेकर मरीज तक हर किसी को परेशान कर दिया।

दरअसल, प्रोपलीन गैस से भरा एक टैंकर खंडाला घाट के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे मुंबई की ओर जानेवाले मार्ग पर लंब जाम लग गया और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

प्रोपलीन गैस से भरा टैंकर पलटने और उससे हुए रिसाव के कारण सुरक्षा कारणों से मार्ग को बंद करना पड़ा, जिससे यात्रियों को लगभग 32 घंटों तक भीषण जाम का सामना करना पड़ा।

इस महाजाम के बीच बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर मरीज घंटों तक बिना भोजन-पानी के फंसे रहे।

हालांकि, बुधवार देर रात गैस को दूसरे टैंकर में स्थानांतरित करने का काम पूरा कर लिया गया, गैस टैंकर को भारी क्रेन की मदद से सड़क से हटाए जाने के बाद प्रशासन ने एक्सप्रेसवे को दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही के लिए खोला गया।

वाहनों की लंबी कतार

ज्ञात हो कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे खंडाला घाट के पास एक गैस टैंकर एक्सप्रेसवे पर पलट गया। जिसके बाद सुरक्षा कारणों से मुंबई जाने वाली लेन को पूरी तरह बंद कर दिया गया।

हादसे के कारण एक्सप्रेसवे बंद रहने से अप और डाउन दोनों लेन पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई थीं।

टैंकर को हटाने के बाद बुधवार रात करीब 1 बजकर 40 मिनट पर पुणे से मुंबई की ओर ट्रैफिक शुरू किया गया। इसके कुछ देर बात मुंबई से पुणे की ओर जाने वाली वाहनों को भी अनुमति दी गई।

गाड़ी में गुजारनी पड़ी रात

ट्रक, बस, कार और अन्य वाहन एक्सप्रेसवे पर घंटो फंसे रहे। यात्रियों को पूरी रात अपनी गाड़ियों में ही गुजारनी पड़ी। जाम में फंसे लोगों को खाने-पीने की भी परेशानी हुई।

इस जाम में आम लोगों के साथ-साथ बच्चों, बुजुर्गों और बीमार यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

धीरे-धीरे खुल रहा ट्रैफिक

घंटो तक जाम लगने से इस कदर वाहनों की लंबी कतारे लग गई कि देर रात यातायात शुरू होने के बावजूद स्थिति स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है।

वाहनों की लंबी कतारे होने के कारण ट्रैफिक धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। ट्रैफिक पुलिस मौके पर मौजूद है और चरणबद्ध तरीके से वाहनों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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