एक कोशिश ऐसी भी…

यूं तो आज हजारों जगह विश्व कैंसर दिवस मनाया गया। भगवान करे कैंसर जैसी भयावर बीमारी जड़ से खत्म हो जाए और हमें यह दिवस के रूप में कभी मानना ना पड़े।

निरंतर कैंसर पीड़ितों के टच में रहने पर आपको न सिर्फ इस जालिम बीमारी के बारे में जानकारी प्राप्त होती है बल्कि जब आप किसी कैंसर पीड़ित पेशेंट के साथ रह रहे होते हैं तो उनके परिवार जनों में क्या-क्या दिक्कतें आती हैं निरंतर अस्पताल में रहने की वजह से घर नौकरी सब मुश्किल में आ जाती है कैसे खाने-पीने दवाई के लिए संसाधन जुटाने में परिवारजन को मगजमारी करनी पड़ती है इन सभी चीजों को बहुत करीब से आप जान पाएंगे।

कई ऐसे कैंसर पीड़ित मरीज जो हार गए कैंसर से और जाते-जाते अपने पूरे परिवार की जिम्मेदारी संस्था को सौंप कर निश्चित होकर इस दुनिया से चले गए दूसरी दुनिया को बसाने।

अंत समय के उनके इस विश्वास को आज भी संस्था ने कायम रखा है और हर महीने नियम से ये पोस्ट आप तक साझा हो पाए या ना हो पाए परंतु उन परिवार के लिए राशन पानी दवाई कपड़े लगते या और किसी भी चीज की जरूरत होती है तो संस्था को जिम्मेदारी निभाती है नियम से ईमानदारी से आप कैसे सहयोग से

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