सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झाझा में जल्द ही गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सिजेरियन डिलीवरी (सिजेरियन ऑपरेशन) की सुविधा मिलने जा रही है। इस पहल से झाझा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
लंबे समय से जटिल प्रसव वाली महिलाओं को निजी क्लीनिकों या जिला मुख्यालय जाना पड़ता था, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था और समय पर इलाज न मिलने से जान का खतरा भी बना रहता था।
सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवाब ने बताया कि अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी शुरू करने की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अस्पताल के पास प्रशिक्षित स्टाफ, महिला विशेषज्ञ चिकित्सक, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और लक्ष्य प्रमाणित लेबर रूम की व्यवस्था पहले से उपलब्ध है।
हालांकि, आपातकालीन स्थिति में रक्त (ब्लड) की उपलब्धता के लिए फिलहाल मरीजों को जमुई सदर अस्पताल पर निर्भर रहना होगा। डॉ. नवाब ने कहा कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही यह सेवा बहाल कर दी जाएगी।
जब सामान्य प्रसव मां या शिशु के लिए जोखिमपूर्ण हो जाता है जैसे गर्भ में बच्चे की गलत स्थिति, उच्च रक्तचाप या प्रसव पीड़ा का लंबे समय तक खिंचना तब सिजेरियन डिलीवरी की जरूरत पड़ती है।
हाल ही में जिला परिषद सदस्य सह शिक्षा समिति के अध्यक्ष धर्मदेव यादव ने सीएचसी प्रभारी से मुलाकात कर अल्ट्रासाउंड और सिजेरियन डिलीवरी जैसी सुविधाएं शुरू करने की मांग की थी। स्वास्थ्य विभाग की इस सक्रियता से अब स्थानीय स्तर पर ही सुरक्षित मातृत्व का सपना साकार हो सकेगा।