खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में अवर सचिव बताकर धोखाधड़ी करने के आरोपित पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया है।
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि आरोपित की पहचान पी. एलंगोवन के रूप में हुई है।मामले का पता तब चला जब पीएमओ में शादी का निमंत्रण कार्ड मिला, जिसमें एलंगोवन का नाम अवर सचिव के तौर पर दर्ज था।
जांच में पता चला कि एलंगोवन नाम का कोई व्यक्ति पीएमओ में नहीं है। इसके बाद पीएमओ ने सीबीआई से शिकायत की। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने आठ जनवरी को प्रारंभिक जांच दर्ज की।
जांच में पता चला कि 2023 में, एलंगोवन ने हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती के संयुक्त आयुक्त वी. कुमारेशन को फोन किया था और खुद को पीएमओ अधिकारी के रूप में पेश किया था।
उसने तमिलनाडु के तिरुवनमलाई स्थित अन्नामलाई मंदिर में अपने रिश्तेदारों के लिए वीआइपी दर्शन की अनुमति मांगी, जिसे कुमारेशन ने स्वीकार कर लिया।
बाद में उसने ऐसे कई अनुरोध किए, जिन्हें कुमारेशन ने प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी समझकर मंजूरी दे दी। एलंगोवन ने कुमारेशन को अपने बेटे की शादी का निमंत्रण कार्ड में अपना नाम रिश्तेदार के तौर पर लिखवाने को कहा।
उसने कहा कि इससे उसे छुट्टी मिल सकेगी। कुमारेशन ने उसका नाम कार्ड पर लिखवा दिया, लेकिन जब यह कार्ड पीएमओ में भेजा गया तो ठगी का पता चल गया।