शिवसेना और शिवसेना (यूबीटी) के कम से कम दो बड़े नेताओं ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले विरोधी गुटों के एक साथ आने की जरूरत पर जोर दिया है। उनका कहना है कि साझा दुश्मन भाजपा से उनके अस्तित्व को खतरा है और यह समय एक होने का है।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि भाजपा शिवसेना को खत्म करने की कोशिश कर रही है और उन्होंने बड़ी मछली के छोटी मछली को खाने की मिसाल दी। शिवसेना के बड़े नेता अब्दुल सत्तार ने कहा कि यह भावना दोनों की है। भाजपा ने शिवसेना (यूबीटी) के हाथ-पैर काट दिए हैं, लेकिन छत्रपति संभाजीनगर जिले में शिवसेना का सिर काट दिया है।
शिवसेना के बड़े नेता अब्दुल सत्तार ने कहा बदलाव जरूरी
यह पूछे जाने पर कि क्या दोनों पार्टियों को एक साथ आना चाहिए, दानवे ने कहा, मुझे कई मौकों पर ऐसा लगा है। लेकिन मेरे अकेले ऐसा चाहने का कोई मतलब नहीं है। सत्तार ने कहा कि अगर हमारा बड़ा भाई हमें खत्म कर रहा है, तो इसका कोई मतलब नहीं है।
उनका इशारा शिवसेना-भाजपा गठबंधन की ओर था। क्या दोनों पार्टियों को एक साथ आना चाहिए, तो सत्तार ने हां में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर एकनाथ शिंदे कहते हैं कि दोनों पार्टियों को एक साथ आना चाहिए, तो इसमें कोई देरी नहीं होगी।