प्रदूषण से मुक्ति के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने के दावे किए जाते हैं लेकिन जब इनकी रखवाली न हो तो खामियाजा सांसों को भुगतना पड़ता है।
सबसे अधिक प्रदूषित रहने वाले लोनी में हरियाली को अतिक्रमण खा गया। ग्रीन बेल्ट पर कब्जे से हरियाली यहां तेजी से घटी और प्रदूषण उतनी ही तेजी से बढ़ता रहा।
दिल्ली-सहारनपुर मार्ग और लोनी गाजियाबाद मार्ग किनारे ग्रीन बेल्ट पर दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका के अधिकारी अतिक्रमण पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
प्रशासन की कार्रवाई भी साबित हो रही नाकाफी
प्रशासन लोनी में लगातार प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। बावजूद इसके शहर के अमित विहार, रूप नगर, आर्यनगर, बेहटा हाजीपुर समेत अन्य स्थानों में सैकड़ों प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं लेकिन प्रदूषण का कारण सिर्फ फैक्ट्रियां ही नहीं बल्कि पेड़-पौधों का सही रखरखाव न होना भी है।
दिल्ली-सहारनपुर रोड पर राम पार्क, खन्ना नगर, बलराम नगर, इंद्रापुरी, आदि कालोनियों के बाहर अतिक्रमण कर ग्रीन बेल्ट पर कब्जा किया हुआ है।
लोगों ने अधिकारियों से अभियान चलाकर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सर्विस रोड किनारे ग्रीन बेल्ट पर पौधारोपण कराए जाने की मांग की है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए नगर पालिका के सहयोग से कार्रवाई की जा रही है।