पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने, आठवें वेतन आयोग को तत्काल लागू कर न्यूनतम वेतन 72 हजार रुपये करने और मृतक आश्रितों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आयुध वस्त्र निर्माणी (ओईएफ) के कर्मचारी लामबंद हुए। भारतीय मजदूर संघ और भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के आह्वान पर ओईएफ मजदूर संघ ने सोमवार को निर्माणी के मुख्य द्वार स्थित डा. आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर अर्धदिवसीय धरना दिया। इसमें 755 कर्मचारियों ने भाग लेकर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने नए श्रम कानूनों से श्रमिक विरोधी प्रावधान हटाने, बोनस की सीलिंग बढ़ाने और बोनस की गणना न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन के आधार पर करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों पर प्रभावी निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों में रोष है।
नाइट ड्यूटी भत्ता और पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग
स्थानीय समस्याओं को लेकर भी कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाई। आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों के नाइट ड्यूटी अलाउंस (एनडीए) के बकाया एरियर का भुगतान करने की मांग की गई। दरबान और एमटीएस कर्मचारियों से ट्रेड बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही वरिष्ठता व फिटनेस के आधार पर एलडीसी और स्टोरकीपर के रिक्त पदों को भरने की मांग रखी गई। लेबर से ट्रेड्समैन बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की गई।
माइनस इंसेंटिव रोकने की मांग
कर्मचारियों ने वेज कोड-2020 का उल्लंघन बताते हुए मेंटेनेंस सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन से की जा रही माइनस इंसेंटिव की कटौती तत्काल रोकने की मांग की। कर्मचारियों का कहना था कि स्थानीय स्तर की समस्याओं का जल्द समाधान होने से कार्यस्थल पर कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।
दिल्ली कूच की चेतावनी
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के संयुक्त मंत्री योगेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि देशभर में भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को अगले चरण में दिल्ली तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा आंदोलन आगे होने वाले बड़े आंदोलन की शुरुआत है।
धरना समाप्त होने के बाद संघ अध्यक्ष मोहम्मद सलीम के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारी प्रशासनिक भवन पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री, श्रम एवं रोजगार मंत्री और सीएमडी, टीसीएल को संबोधित ज्ञापन मुख्य महाप्रबंधक के माध्यम से सौंपा गया। संघ पदाधिकारी साधू सिंह ने कहा कि 755 कर्मचारियों की सहभागिता से श्रमिकों की एकजुटता स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। धरने में योगेंद्र सिंह चौहान, दीपक कुमार, मोहम्मद सलीम, प्रदीप शर्मा, अजय प्रताप सिंह, सुखदेव सिंह, आलोक भट्ट, धीरेंद्र वर्मा, अश्विनी अरोड़ा समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।