शिक्षा और संवेदनशीलता की मिसाल बनी ‘एक कोशिश ऐसी भी’ संस्था…

वर्षा वर्मा (समाज सेविका):

कहते हैं कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना भी किसी पूजा और इबादत से कम नहीं होता। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए सामाजिक संस्था ‘एक कोशिश ऐसी भी’ जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को संवारने का काम कर रही है। संस्था का मानना है कि किसी एक बच्चे की जिंदगी बेहतर बना देना सबसे बड़ी सेवा है।

हाल ही में तस्वीर में दिखाई दे रही एक छात्रा अपने छोटे भाई की एडमिशन फीस के लिए संस्था के कार्यालय पहुंची। दोनों भाई-बहनों ने कुछ वर्ष पहले अपने पिता को खो दिया था।

उनकी मां एक छोटी नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं, लेकिन सीमित आय के कारण बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था।

ऐसे में संस्था ने दोनों बच्चों की स्कूल और कॉलेज फीस की जिम्मेदारी पिछले कई वर्षों से अपने स्तर पर संभाल रखी है। इसी क्रम में छोटे भाई के नए स्कूल में प्रवेश के लिए संस्था द्वारा चार महीने की फीस के रूप में 19,200 रुपये और कॉपी-किताबों के लिए करीब 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

संस्था ने बच्चों की पहचान गोपनीय रखी है, ताकि वे बिना किसी सामाजिक दबाव या हीन भावना के आत्मसम्मान के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। संस्था का कहना है कि यदि बच्चों को सकारात्मक माहौल और सहयोग मिले, तो वे न केवल बेहतर शिक्षा हासिल कर सकते हैं बल्कि जीवन में आगे भी बढ़ सकते हैं।

‘एक कोशिश ऐसी भी’ ने समाज से भी अपील की है कि छोटी-छोटी मदद और संवेदनशील प्रयास किसी जरूरतमंद बच्चे के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं और उसका भविष्य संवार सकते हैं।

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