मालवा सिंचाई प्रोजेक्ट पर सुलह की कोशिश तेज, भाखड़ा बोर्ड को एक महीने की मोहलत; शिमला में दो हफ्ते बाद फिर होगी चर्चा…

पंजाब द्वारा हरिके से मालवा क्षेत्र के चार जिलों की सिंचाई के लिए नई नहर निर्माण के मुद्दे पर शुक्रवार को शिमला में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय परिषद में की 22वीं बैठक में चर्चा हुई।

बैठक में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पंजाब के प्रतिनिधियों ने परियोजना को लेकर कई चिंताएं व्यक्त कीं। उनका कहना था कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के पास जलाशयों में उपलब्ध पानी की मात्रा को लेकर पर्याप्त और सटीक आंकड़े नहीं हैं।

इस पर बीबीएमबी अधिकारियों ने बताया कि जल उपलब्धता और भंडारण क्षमता के वैज्ञानिक आकलन के लिए आईआईटी, रोपड़ को अध्ययन करने का कार्य सौंपा गया है।

बैठक के दौरान हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी हस्तक्षेप करते हुए परियोजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखी। वहीं, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव ने भी चर्चा में भाग लेते हुए संबंधित पक्षों से मुद्दों के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया।

हरियाणा सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) उपलब्ध करवाने की मांग उठाई, ताकि उसके तकनीकी और जल प्रबंधन संबंधी पहलुओं का अध्ययन किया जा सके।

आपसी सहयोग और सहमति से आगे बढ़ना चाहिए: आशीष श्रीवास्तव

बैठक के दौरान अशीष श्रीवास्तव ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ कभी एक ही इकाई का हिस्सा रहे हैं और सभी राज्यों को आपसी सहयोग एवं सहमति से आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने बीबीएमबी और पंजाब के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि लंबित मुद्दों का समाधान एक महीने के भीतर किया जाए। इस पर बीबीएमबी अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पक्षों की अगली बैठक दो सप्ताह के भीतर आयोजित की जाएगी, जिसमें उठाई गई आपत्तियों और तकनीकी प्रश्नों पर विस्तार से चर्चा होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *