ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में तलाशी अभियान चलाया। यह जांच कथित तौर पर फर्जी आनलाइन निवेश और ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ घोटाले से जुड़ी है। इसमें कई लोगों को ठगा गया था। ये छापेमारी 10-11 जुलाई को तमिलनाडु में 16 जगहों पर, केरल में दो जगहों पर और जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में एक जगह पर मारे गए।
एजेंसी ने एक बयान में कहा कि इस अभियान के दौरान 3.35 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी और 14.50 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। एजेंसी ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया, जिनमें कुल 40 लाख रुपये जमा थे।
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला तमिलनाडु पुलिस और तेलंगाना पुलिस द्वारा क्रमशः 2025 और 2022 में दर्ज की गई दो एफआईआर से जुड़ा है। ये एफआईआर “फर्जी निवेश” और “वर्क-फ्रॉम-होम” घोटाले से जुड़े साइबर धोखाधड़ी को लेकर थी।
ईडी ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी करने वालों ने लोगों को अच्छे लाभ और कमीशन का झूठा वादा कर पैसे निवेश करने के लिए लुभाया था। शिकायतकर्ताओं ने अलग-अलग बैंक अकाउंट में 14.95 करोड़ रुपये डाले थे। इन पैसों को तुरंत कई ‘म्यूल’ बैंक अकाउंट और शेल कंपनियों के जरिये इधर-उधर किया गया। बाद में क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया गया।