पूर्व रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में यात्री आय और यात्रियों की संख्या दोनों में अब तक का सर्वोच्च स्तर दर्ज कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक (पीसीसीएम) डॉ उदय शंकर झा ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह सफलता यात्री यातायात में मजबूत वृद्धि और प्रभावी राजस्व प्रबंधन का परिणाम है।
डॉ झा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में पूर्व रेलवे की कुल यात्री आय 4186.07 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8.56 प्रतिशत अधिक है। वहीं, इस अवधि में 1323.31 मिलियन (लगभग 13.21 करोड़) यात्रियों ने यात्रा की, जो बीते वर्ष के मुकाबले 5.56 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि पूर्व रेलवे द्वारा डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों का सकारात्मक असर देखने को मिला है। आरक्षित वर्ग में 83.27 प्रतिशत टिकट डिजिटल माध्यम से बुक किए गए, जबकि अनारक्षित वर्ग में यह आंकड़ा 27.45 प्रतिशत तक पहुंच गया। इससे न केवल टिकट काउंटरों पर भीड़ कम हुई है, बल्कि पारदर्शिता और सुविधा में भी सुधार आया है।
उपलब्धि के पीछे वाणिज्य विभाग और सभी फ्रंटलाइन कर्मचारियों का समन्वित प्रयास
पीसीसीएम ने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे वाणिज्य विभाग और सभी फ्रंटलाइन कर्मचारियों का समन्वित प्रयास रहा है।
बेहतर आनबोर्ड सेवाएं, त्योहारों के दौरान विशेष ट्रेनों का संचालन, कोचों की संख्या में वृद्धि और बिना टिकट यात्रा पर सख्त निगरानी जैसी पहलों ने यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ आय बढ़ाने में भी मदद की है। बताते चलें कि पूर्व रेलवे का मुख्यालय कोलकाता में ही है।
डा झा ने दोहराया कि पूर्व रेलवे यात्री सेवा में ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है। रेलवे का लक्ष्य यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और किफायती यात्रा अनुभव प्रदान करना है, और भविष्य में भी इस दिशा में लगातार सुधार किए जाते रहेंगे।