भीषण गर्मी के बीच जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या गंभीर हो जाती है, वहीं जिला दंतेवाड़ा के सुदूर ग्राम जंगमपाल में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए पेयजल व्यवस्था को पुनः सुचारु किया है।
सुकमा सीमा के पास स्थित ग्राम पंचायत जंगमपाल लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहा था। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर हो गई थी।
ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर विभाग की हैंडपंप तकनीशियन टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई।
विकासखंड कटेकल्याण के दुर्गम वन क्षेत्र में स्थित जंगमपाल गांव तक पहुंचना आसान नहीं था। कठिन रास्तों, जंगलों और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने लगातार तीन दिन और दो रात गांव में रहकर काम किया।
इस दौरान टीम को जंगल में ही रुककर कार्य करना पड़ा, लेकिन उनका लक्ष्य साफ था, हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना। लीड हैंडपंप तकनीशियन उमा शंकर नेताम के नेतृत्व में टीम ने जंगमपाल सहित प्रतापगिरी, छोटेलखापाल और छोटेतोंगपाल जैसे आसपास के गांवों में पहुंचकर खराब हैंडपंपों की मरम्मत की। कई स्थानों पर टीम को नदी पार करनी पड़ी और भारी सामान कंधों पर उठाकर पैदल चलना पड़ा।
टीम ने हैंडपंपों की मरम्मत के साथ-साथ जल स्रोतों की सफाई, तकनीकी सुधार और क्लोरीनेशन भी किया, जिससे पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सकी। इसके परिणाम स्वरूप बंद पड़े हैंडपंप फिर से चालू हो गए और ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मिलने लगा।
स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गर्मी के समय पानी की समस्या से राहत मिलना उनके लिए बहुत बड़ी मदद है। इस प्रयास से ग्रामीणों का प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।
यह पहल जल जीवन मिशन के उद्देश्य “हर घर जल” को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की यह कार्यशैली बताती है कि समर्पण और सेवा भावना के साथ काम किया जाए तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
इस अभियान में तकनीशियन उमा शंकर नेताम के साथ राजेश नाग, राजू ठाकुर, गोविंद ठाकुर, विजेंद्र कश्यप, गौतम ठाकुर, अनिल ठाकुर और वीरेंद्र सेठिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा।