बीआरडी मेडिकल कालेज के नेहरू अस्पताल में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) अब मधुमेह रोगियों का उपचार करेगा। इसका साफ्टवेयर डा. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू), लखनऊ से मंगाया जा रहा है।
प्रमुख सचिव के निर्देश पर कालेज प्रशासन ने एआइ ओपीडी शुरू करने के खर्च का प्रस्ताव बनाना शुरू कर दिया है। इसकी जिम्मेदारी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डा. राजकिशोर सिंह को दी गई है।
प्राचार्य डा. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि एकेटीयू से हमारा करार हुआ है। वहीं का साफ्टवेयर हम उपयोग में ले आएंगे। शुरुआत में मधुमेह ओपीडी से एआइ ओपीडी की शुरुआत की जा रही है। धीरे-धीरे अन्य विभागों के ओपीडी को भी एआइ आधारित कर दिया जाएगा।
इसका अलग काउंटर व ओपीडी कक्ष होगा। काउंटर पर एआइ आधारित कंप्यूटर होगा। रोगी के काउंटर पर पहुंचने पर कर्मचारी रोगी का नाम, उम्र, पता, बीमारी के लक्षण, परिवार में बीमारी की हिस्ट्री आदि जानकारी भर देगा। इसके अलावा यदि रोगी के पास कोई जांच रिपोर्ट होगी तो जांच का परिणाम भी कंप्यूटर में पर्चे पर लिखेगा। जब कर्मचारी सारी जानकारी भरकर सम्मिट पर क्लिक करेगा तो एआइ रोगी की पूरी डायग्नोसिस बना देगा और जरूरत के मुताबिक दवाएं भी लिख देगा। वह बचाव के उपाय भी बताएगा।
इसके बाद कर्मचारी उस पर्चे को आनलाइन ओपीडी में भेज देगा और रोगी को उसका कोड नंबर दे देगा। रोगी वही कोड नंबर लेकर डाक्टर के पास जाएगा। डाक्टर राेगी के रोग का अपने अनुभव के आधार पर आकलन करेंगे और उसे एआइ की डायग्नोसिस से मिलाएंगे। जरूरत पड़ी तो उसमें संशोधन कर पर्चा रोगी को दे देंगे। शीघ्र ही इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया जाएगा।