धमतरी : संवेदनशील शासन की मिसाल : शिविर में तुरंत हुआ आंखों की समस्या का समाधान…

सुशासन तिहार से ग्रामीणों को राहत, लोकेश्वरी को मिला स्पष्ट दृष्टि का उपहार

सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरछेड़ी में आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों के लिए केवल समस्याओं के निराकरण का मंच नहीं, बल्कि विश्वास और संवेदनशील शासन का प्रतीक बनकर उभरा। इसी शिविर में ग्राम पिपरछेड़ी निवासी श्रीमती लोकेश्वरी के चेहरे पर तब संतोष और आत्मविश्वास की मुस्कान लौट आई, जब उन्हें वर्षों से हो रही आंखों की परेशानी से तत्काल राहत मिली।

ywAAAAAAQABAAACAUwAOw==

  श्रीमती लोकेश्वरी पिछले कुछ समय से पास की वस्तुओं और लिखी हुई सामग्री को स्पष्ट रूप से नहीं देख पा रही थीं। इस कारण उन्हें घर के दैनिक कार्यों, राशन संबंधी दस्तावेज पढ़ने और सामान्य गतिविधियों में लगातार कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के कारण वे नियमित नेत्र परीक्षण नहीं करा सकीं, जिससे समस्या धीरे-धीरे बढ़ती गई।

  सुशासन तिहार के समाधान शिविर में पहुंचकर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के समक्ष अपनी समस्या रखी। आवेदन प्राप्त होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए तत्काल उनकी आंखों की जांच की। परीक्षण उपरांत  मुख्य  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ  यू.एल. कौशिक ने चिकित्सकों से जाँच उपरांत  उन्हें निःशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया। चश्मा पहनते ही जब उन्होंने पास रखी वस्तुओं और लिखी हुई सामग्री को स्पष्ट रूप से देखा, तो उनके चेहरे पर संतोष साफ झलकने लगा।

   भावुक होकर श्रीमती लोकेश्वरी ने कहा कि अब उन्हें काफी राहत महसूस हो रही है और वे पहले की तुलना में अपने दैनिक कार्य अधिक सहजता से कर पा रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जैसे शिविर ग्रामीणों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं, जहां समस्याओं का त्वरित और सम्मानजनक समाधान मिल रहा है।
 उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना का लाभ नियमित रूप से प्राप्त हो रहा है, जिससे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिल रही है।

 ग्राम पिपरछेड़ी का यह उदाहरण दर्शाता है कि शासन की योजनाएं जब संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब वे केवल सुविधाएं नहीं देतीं, बल्कि लोगों के जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान और नई उम्मीद का संचार भी करती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *