धमतरी : एक ही परिसर में लाइका घर, आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला की अभिनव पहल का कलेक्टर ने किया निरीक्षण…

बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा के लिए सियादेही बना एकीकृत शिक्षा मॉडल

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज नगरी विकासखंड के ग्राम सियादेही का भ्रमण कर जिला प्रशासन की अभिनव पहल के तहत संचालित लाइका घर, आंगनबाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को बच्चों के समग्र विकास के लिए सभी सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने लाइका घर में बच्चों द्वारा की जा रही शैक्षणिक, रचनात्मक एवं खेल-आधारित गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा स्वास्थ्य परीक्षण, पौष्टिक भोजन, नाश्ता एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने कहा कि बाल्यावस्था में गुणवत्तापूर्ण देखभाल एवं सीखने का वातावरण बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करता है।

इसके पश्चात उन्होंने परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर शिक्षण सामग्री, खेल सामग्री एवं अन्य संसाधनों का अवलोकन किया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध शिक्षण सामग्री के प्रभावी उपयोग के लिए नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि बच्चों को आनंददायी, गतिविधि-आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एवं उपस्थित अधिकारियों ने बच्चों के साथ केक काटकर उनकी खुशियों में सहभागिता निभाई तथा चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर बच्चों के चेहरे पर उत्साह और प्रसन्नता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

सियादेही बना एकीकृत प्रारंभिक शिक्षा का मॉडल

उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत सियादेही में एक ही परिसर में लाइका घर, आंगनबाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक शाला की स्थापना की गई है। यह अभिनव पहल बच्चों को शैशव अवस्था से ही शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस एकीकृत परिसर में 6 माह से 10 वर्ष तक के बच्चों को उनकी आयु के अनुरूप देखभाल, पोषण, पूर्व-प्राथमिक एवं प्राथमिक शिक्षा की सतत एवं समन्वित सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

इस मॉडल से बच्चों के विद्यालय में प्रवेश एवं शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित होने के साथ-साथ विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति में कमी आएगी। साथ ही अभिभावकों को भी एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से समय एवं आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है।

निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कौशिक, एसडीएम सुश्री प्रीति दुर्गम, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विमल साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी श्री रोहित बोर्झा, तहसीलदार श्रीमती ख्याति कंवर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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