जिला मुख्यालय बेमेतरा के मोहभट्ठा वार्ड क्रमांक 6 में रहने वाले तीन ऐसे भाई-बहन, जिनके माता-पिता का आकस्मिक निधन हो गया है, पूर्णतः बेसहारा हो गए थे। इन बच्चों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने त्वरित कार्यवाही करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. चतुर्वेदी को निर्देशित किया कि बालिकाओं को विद्यालय में प्रवेश दिलाते हुए उनके रहने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी श्री चतुर्वेदी द्वारा कस्तूरबा विद्यालय बेमेतरा की अधीक्षिका श्रीमती भारती घृतलहरे को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। इसके पश्चात अधीक्षिका द्वारा कु. पूनम पाटिल (उम्र 14 वर्ष) एवं कु. रितु पाटिल (उम्र 9 वर्ष) को कस्तूरबा विद्यालय बेमेतरा में प्रवेश प्रदान करते हुए छात्रावास में रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। वहीं उनके भाई अशोक पाटिल (उम्र 10 वर्ष) को कवर्धा स्थित बालक छात्रावास में प्रवेश दिलाया गया है।
उल्लेखनीय है कि तीनों भाई-बहनों के माता-पिता के निधन के पश्चात उनके समक्ष जीवनयापन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई थी, जिसे जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ निराकृत किया।
कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त करने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. चतुर्वेदी एवं अधीक्षिका श्रीमती भारती घृतलहरे द्वारा दोनों बालिकाओं को कलेक्टर से भेंट कराई गई, जहां कलेक्टर ने उन्हें स्नेहपूर्ण आशीर्वाद प्रदान किया। जिला प्रशासन बेमेतरा द्वारा निरंतर ऐसे जरूरतमंद बच्चों को सहायता प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।