रोज जल देने के बावजूद सूख रही है तुलसी? ये 3 अनजानी गलतियां पौधे को पहुंचा रही हैं नुकसान…

तुलसी का पौधा धार्मिक महत्व के साथ-साथ औषधीय गुण भी रखता है। अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि नर्सरी से तो हरा-भरा पौधा लाए थे, लेकिन पूरी देखभाल के बावजूद घर पर कुछ ही दिनों में सूखने लगा है। 

अगर आपकी तुलसी भी बार-बार सूख रही है, तो यकीन मानिए आप अनजाने में कुछ गलतियां कर रहे हैं। आइए जानें क्या हैं ये गलतियां और इन्हें ठीक करने के तरीके।

जरूरत से ज्यादा पानी देना

ज्यादातर लोग भक्ति भाव में आकर रोज सुबह-शाम तुलसी में लोटा भरकर पानी चढ़ाते हैं, लेकिन यह पौधे के लिए घातक बन जाती है।

तुलसी की जड़ें बहुत संवेदनशील होती हैं। गमले की मिट्टी अगर हमेशा गीली या दलदली रहेगी, तो जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाएगी और उनमें सड़न होनी शुरू हो जाती है।

अगर पत्तियां पीली होकर गिर रही हैं और मिट्टी से हल्की दुर्गंध आ रही है, तो समझ लीजिए पानी ज्यादा हो रहा है।

इससे बचने के लिए मिट्टी की ऊपरी सतह को छूकर देखें। अगर वह 1-2 इंच तक सूखी लगे, तभी पानी दें। साथ ही, गमले के नीचे ड्रेनेज होल का होना जरूरी है, ताकि एक्स्ट्रा पानी बाहर निकल सके।

मंजरियों को न हटाना

तुलसी के ऊपर छोटे-छोटे बीज या बालियां आ जाती हैं। इन्हें मंजरी कहा जाता है। कई लोग इन्हें हटाते नहीं हैं, लेकिन जब तुलसी पर मंजरी आती है, तो पौधा अपनी पूरी एनर्जी बीज बनाने में लगा देता है। इसके कारण पौधा धीरे-धीरे सूखने लगता है

इसलिए जैसे ही पौधे पर मंजरी आने लगे, उसे तुरंत कैंची से काटकर अलग कर दें। इसे पिंचिंग कहते हैं। मंजरी हटाते रहने से पौधा घना बना रहता है और उसकी उम्र बढ़ जाती है। इन मंजरियों को आप सुखाकर नए पौधे उगाने या चाय में डालने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

गलत जगह और मौसम का प्रभाव

तुलसी को सूरज की रोशनी और हवा का सही बैलेंस चाहिए होता है। पौधे को ऐसी जगह रखना जहां बिल्कुल धूप न आती हो या फिर उसे कड़ाके की ठंड में खुला छोड़ देने से पत्तियां काली पड़कर सूखने लगती हैं।

इसलिए तुलसी को दिन में कम से कम 4-6 घंटे की सीधी धूप मिलनी चाहिए। साथ ही, गमले को ऐसी जगह रखें, जहां उसे अच्छी तरह हवा मिल सके। 

इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि अगर आप तुलसी के गमले के पास अगरबत्ती या दीया जलाते हैं, तो पौधे के ज्यादा करीब न रखें। दीये की गर्मी पत्तियों को नुकसान पहुंचाती हैं। 

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