भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता अब अपने बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गया है।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि लगभग 18 महीने की लंबी बातचीत के बाद यह ऐतिहासिक डील जल्द ही पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस समझौते का अब केवल आखिरी एक प्रतिशत हिस्सा ही संपन्न होना बाकी है।
यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि हम इस डील के अंतिम पड़ाव पर हैं। इस समझौते का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है।
दोनों पक्षों की ओर से बस कुछ ही बिंदु बचे हैं। आप कह सकते हैं कि यह इस डील का आखिरी 1 फीसदी हिस्सा है। गोर ने कहा कि वह इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं क्योंकि यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
जब उनसे यह पूछा गया कि इस डील में इतना समय क्यों लग रहा है, तो उन्होंने स्पष्ट किया, “लोग पूछते हैं कि इसमें इतना वक्त क्यों लग रहा है? हम पिछले डेढ़ साल से इस पर लगातार काम कर रहे हैं। लेकिन अगर इसे बड़े परिप्रेक्ष्य में देखें, तो हम पिछले 20 सालों से व्यापार कर रहे हैं।
इसलिए चाहे जो भी हो, एक बार जब हम यूरोपीय समझौते को पीछे छोड़ देंगे, तो हम बेहद मजबूत स्थिति में होंगे। मैं इसे जल्द से जल्द मुकाम तक पहुंचाने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं।”
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच मजबूत तालमेल
अमेरिकी राजदूत दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच के बेहतरीन व्यक्तिगत तालमेल का विशेष रूप से जिक्र किया, जो इन संबंधों को नई गति दे रहा है।
सर्जियो गोर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के मन में अपनी पिछली भारत यात्रा की बेहद सुखद यादें हैं और वे आज भी इसकी चर्चा करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका पिछला भारत दौरा उनके सबसे शानदार दौरों में से एक था, जिसके बारे में वे लगातार बात करते हैं। उनके दिल में भारत के लिए एक बहुत ही खास जगह है। यह एक अद्भुत बात है। मैं भारत में राष्ट्रपति ट्रंप का फिर से स्वागत करने और उनकी आगामी भारत यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।
फिलीपींस में होगी क्वाड की बैठक
इस समिट के दौरान राजदूत गोर ने एक और महत्वपूर्ण रणनीतिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब से लगभग दो हफ्ते बाद फिलीपींस में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें क्षेत्रीय सहयोग और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।