कोटा के सरकारी अस्पताल में किडनी फेल होने से एक और प्रसूता की मौत, मामले ने बढ़ाई चिंता…

राजस्थान में कोटा के दो सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला जारी है। बता दें कि इन दो सरकारी अस्पतालों में एक सप्ताह में प्रसव के बाद चार महिलाओं की मौत हुई है, जबकि अन्य आठ की किडनी खराब हुई है। सभी प्रसूताओं की मौत का कारण किडनी खराब होना बताया जा रहा है।

रविवार रात 31 वर्षीय प्रसूता पिंकी महावर को तबियत खराब होने पर जेकेलोन अस्पताल से मेडिकल कालेज रेफर किया गया। जहां उसकी मौत हो गई।

पिंकी की मौत के बाद स्वजन ने शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। स्वजन की मांग है कि जब तक मौत का सही कारण सामने नहीं आता और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तब तक वे शव नहीं लेंगे।

9 मई को भी एक प्रसूता की गई थी जान

इससे पहले नौ मई की रात को जेकेलोन अस्पताल में बूंदी निवासी प्रसूता प्रिया की मौत हो गई थी। उल्लेखनीय है कि मेडिकल कालेज अस्पताल में चार मई की रात से पांच मई शाम तक दो प्रसूताओं ज्योति एवं पायल की मौत हुई थी।

इसी अस्पताल में रागिनी, धन्नी, सुशीला व चंद्रकला की प्रसव के बाद किडनी खराब हुई, जिनका उपचार जारी है।

मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. नीलेश जैन ने बताया कि वर्तमान में दो प्रसूताओं का स्वास्थ्य पहले से ठीक हो रहा है। हालांकि, अब तक महिलाओं की मौत और किडनी खराब होने को लेकर सही तथ्य सामने नहीं आ सके हैं।

उधर चिकित्सा विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि मामले की जांच जारी है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *