मिथिलांचल के प्रसिद्ध तीर्थस्थल कुशेश्वरस्थान शिव मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
रविवार की आधी रात से ही महिला और पुरुष श्रद्धालु शिवगंगा में स्नान कर गजेन्द्र नारायण सिंह धर्मशाला में बनाई गई घुमावदार बैरिकेडिंग में कतारबद्ध होने लगे।
सुबह 10:30 बजे तक 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने कुशेश्वर नाथ महादेव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और स्वजन की सुख-समृद्धि की कामना की।
आधी रात से लगी कतार
श्रद्धालुओं के पहुंचने के साथ ही हर-हर महादेव, बोल बम और कुशेश्वर नाथ की जय के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान होता रहा। संभावित भीड़ को देखते हुए पंडा समाज के पुजारियों ने रात एक बजे ही पारंपरिक सरकारी पूजा शुरू की।
आरती पूरी करने के बाद रात दो बजे आम श्रद्धालुओं के जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर का पट खोल दिया गया। पट खुलते ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया, जो लगातार जारी रहा।
अरघा से जल अर्पित करने की व्यवस्था रहने से भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मदद मिली। श्रद्धालु अरघा में जल अर्पित करने के बाद मंदिर के पश्चिमी द्वार से बाहर निकल रहे थे।
अलग-अलग कतारों से नियंत्रण
मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों दिशाओं में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार बनाई गई थी। इससे भीड़ में अफरातफरी की स्थिति नहीं बनी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह दंडाधिकारी के नेतृत्व में महिला और पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
श्रद्धालुओं के संयमित रहने से पुलिस को कभी बल प्रयोग करने की नौबत नहीं आई। ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी रविवार को ही कुशेश्वरस्थान पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल ली थी। वह खुद लगातार चौकसी बरतते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक निर्देश दे रही थीं।