जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए परिवहन विभाग और यातायात की है। बीते छह दिनों में चलाए अभियान में अधूरे मानक और दस्तावेजों के साथ दौड रहीं 76 बसों को सीज किया गया है।
अभियान के दौरान यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, चिल्ला बॉर्डर, छलेरा समेत विभिन्न प्रमुख मार्गों और चेकिंग प्वाइंट पर सघन जांच की गई।
कई बसों में वैध फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं मिला, जबकि कुछ बसों के परमिट और अन्य दस्तावेजों में गंभीर खामियां पाई गईं। बाहरी जिलों से आने वाली बसें भी इस कार्रवाई में शामिल रही। अभियान में गुरुवार को सबसे अधिक बसों के खिलाफ कार्रवाई हुई। शनिवार और रविवार को मिलाकर 11 बसों को जब्त किया गया। ये बसें न केवल बिना अनुमति चल रही थीं बल्कि यात्री सुरक्षा को भी खतरे में डाल रही थीं।
हाल ही में महामाया फ्लाईओवर के पास एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इससे पहले भी ओवरलोडिंग के कारण कई बसें पलट चुकी हैं और कुछ बसों में चलते हुए आग लगने की घटनाएं भी हुई हैं।
इन हादसों में डग्गामार बसों की भूमिका सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्ती बरती। अधिक मुनाफे के चक्कर में कई बस संचालक सुरक्षा मानकों से छेड़छाड़ कर रहे थे।
बसों को मोडिफाई करके स्लीपर बस बना दिया जाता था, क्षमता से ज्यादा यात्री भर दिए जाते थे और फिटनेस व अन्य जरूरी दस्तावेजों की अनदेखी की जाती थी। इन बसों के कारण यात्री लगातार जोखिम में पड़ रहे थे। एआरटीओ प्रवर्तन डा. उदित नारायण पांडेय ने बताया कि बसों के खिलाफ अभियान और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।