मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि राज्य की भाजपा सरकार के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और औद्योगिक विकास सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में शिक्षा क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार से राज्य को चार हजार से पांच हजार करोड़ रुपये की सहायता मिलने की उम्मीद है।
राज्य सचिवालय नवान्न में आयोजित 80 हजार से अधिक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में वित्तीय अनुदान वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का स्कूल शिक्षा विभाग पूरी शिक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर रहा है।
उन्हें विश्वास है कि अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगेंगे। शुभेंदु ने इस दौरान आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार ने शिक्षा को पर्याप्त महत्व नहीं दिया और उसकी प्राथमिकता तुष्टीकरण तथा भ्रष्टाचार रही।
उन्होंने कहा कि राज्य के स्कूलों को आधुनिक और स्मार्ट संस्थानों के रूप में विकसित किया जाएगा तथा आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्राथमिक विद्यालयों से लेकर विश्वविद्यालयों तक सरकारी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था के विकास के लिए सरकार पूरी गति से काम कर रही है और केंद्र सरकार हर संभव सहयोग दे रही है।
उन्होंने बताया कि समीक्षा के दौरान विद्यालयों की आधारभूत संरचना, शिक्षा की गुणवत्ता और छात्र-शिक्षक अनुपात सहित सभी पहलुओं का आकलन किया जाएगा। तीन से चार माह में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल सेवा आयोग शीघ्र ही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा और अगले शैक्षणिक सत्र से नई व्यवस्था का असर दिखाई देगा।
उन्होंने कहा कि सरकार सर्व शिक्षा मिशन, स्कूल वर्दी की खरीद और मध्याह्न भोजन योजना सहित विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए कदम उठा रही है। उनका आरोप था कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में इन योजनाओं में अनियमितताएं हुई थीं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी 14 अगस्त को राज्य में कन्या रत्न दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जबकि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार इसी दिन कन्याश्री दिवस के रूप में मनाती थी।
एक हजार स्कूलों में लगेंगी सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि लाभ अर्जित करने वाले बड़े उद्योगों को अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के तहत ग्रामीण स्कूलों के विकास के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
राज्य सरकार के उपक्रम पीडीसीएल ने एक हजार स्कूलों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाने का प्रस्ताव दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की एकलव्य आवासीय विद्यालय योजना के तहत राज्य में अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए नए विद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र को भूमि उपलब्ध कराने की जानकारी दे दी है। उनका आरोप था कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार ने ऐसे विद्यालयों के लिए भूमि उपलब्ध नहीं कराई थी।