चीन ने इस साल विदेशी पर्वतारोहियों के लिए माउंट एवरेस्ट के उत्तरी हिस्से सहित तिब्बत की सबसे ऊंची चोटियों (चो ओयु और शिशपंगमा) के रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए हैं। चीन द्वारा लगाए गए इस प्रतिबंध के कारण दुनिया भर के पर्वतारोहियों के अभियान और बुकिंग रद करनी पड़ी हैं।
चीन द्वारा यह प्रतिबंध तिब्बत के शिगात्से के पास 52 सेकंड तक चले एक आतिशबाजी की घटना के बाद शुरू हुई जांच और विदेशी पर्वतारोहण अभियानों को परमिट जारी करने में हुई भ्रष्टाचार की जांच के बाद लगाया गया है।
चीन ने इस वर्ष तिब्बत की सबसे ऊंची पर्वत चोटियों—चो ओयु (8,188 मीटर), शिशपंगमा (8,027 मीटर) और माउंट एवरेस्ट के उत्तरी हिस्से (8,849 मीटर)पर विदेशी पर्वतारोहियों के जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
पर्वतारोहियों का बढ़ा इंतजार
चीन के इस फैसले के कारण नेपाल स्थित पर्वतारोहण ऑपरेटरों को अपनी शरद ऋतु (Autumn Season) की बुकिंग रद करनी पड़ी है। इसके साथ ही, दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों को फतह करने का लक्ष्य रखने वाले पर्वतारोहियों का इंतजार कम से कम एक और सीजन के लिए बढ़ गया है।
इससे पहले, चीन-तिब्बत पर्वतारोहण संघ (CTMA) ने वसंत ऋतु में भी एवरेस्ट के उत्तरी भाग, चो ओयु और शिशपंगमा पर विदेशी टीमों की चढ़ाई पर रोक लगाई थी, जिसे अब आगे बढ़ा दिया गया है।
तिब्बत के रास्ते चढ़ाई करने की नहीं मिलेगी अनुमति
काठमांडू स्थित अभियान आयोजकों के अनुसार, उन्हें औपचारिक रूप से सूचित कर दिया गया है कि शरद ऋतु (Autumn Season) में भी विदेशी टीमों को तिब्बत के रास्तों से चढ़ाई करने की अनुमति नहीं मिलेगी।
इससे पहले चीन ने वसंत ऋतु में भी विदेशी पर्वतारोहियों को एवरेस्ट के लिए कोई परमिट जारी नहीं किया था। इसके परिणामस्वरूप, पर्वतारोहियों ने नेपाल के रास्ते चढ़ाई की और नेपाल की ओर से रिकॉर्ड 1,008 पर्वतारोहियों ने एवरेस्ट शिखर पर सफलतापूर्वक फतह हासिल की।
हालांकि, इस प्रतिबंध को आगे बढ़ाए जाने को लेकर बीजिंग ने आधिकारिक या सार्वजनिक तौर पर अब तक कोई स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।