छत्तीसगढ़ के अधिकारियों – जिनमें सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक और सभी 33 जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी शामिल थे – ने 3 जुलाई को नई दिल्ली स्थित ‘इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट’ (IIIDEM) में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा आयोजित मीडिया और कम्युनिकेशन अधिकारियों के दूसरे एक-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया।
इस सम्मेलन में 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मीडिया नोडल अधिकारियों, सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों और जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 260 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का हर कदम संविधान, चुनाव कानूनों और आयोग द्वारा समय-समय पर जारी पारदर्शी दिशानिर्देशों से निर्देशित होता है। उन्होंने मीडिया और कम्युनिकेशन अधिकारियों से सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं और फर्जी कंटेंट के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया और सही व तथ्यात्मक जानकारी फैलाकर गलत नैरेटिव (धारणाओं) का मुकाबला करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हालिया विधानसभा चुनावों में मतदाताओं की रिकॉर्ड भागीदारी चुनावी प्रक्रिया में नागरिकों के मजबूत भरोसे को दर्शाती है।
निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डीपफेक और भ्रामक डिजिटल कंटेंट से जुड़ी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अधिकारियों से आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार इन चुनौतियों का सामना करने का आह्वान किया और ‘इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब’ ( electoral literacy clubs) के माध्यम से युवा मतदाताओं को जोड़ने के महत्व पर जोर दिया।
इस दौरान, दिन भर चले सम्मेलन में चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के दौरान कम्युनिकेशन रणनीतियों, मतदाता सूची प्रबंधन, मतदान और मतगणना प्रक्रियाओं, ECINET, संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों, मीडिया प्रबंधन, प्रेस विज्ञप्ति लेखन, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग और गलत सूचनाओं से निपटने जैसे विषयों पर तकनीकी और व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए।
प्रतिभागियों ने चुनावी प्रक्रिया के व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) में भी भाग लिया, प्रदर्शनी और मीडिया कॉर्नर का दौरा किया, और चुनाव प्रबंधन व जन-संचार में सर्वोत्तम तौर-तरीकों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) के आदान-प्रदान के लिए उन राज्यों के अधिकारियों के साथ बातचीत की, जहां हाल ही में चुनाव हुए थे। कार्यक्रम का समापन निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के साथ एक इंटरैक्टिव प्रश्न-उत्तर सत्र के साथ हुआ।