जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्र मौहाभाठा में सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। इस क्षेत्र में अधिकांश विशेष पिछड़ी जनजाति भंुजिया परिवार निवासरत है।
जिनके समग्र विकास एवं उनकी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने के लिए शासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान ग्राम मौहाभाठा निवासी छबिराम ने राजस्व विभाग में नई किसान ऋण पुस्तिका के लिए आवेदन किया था।
कलेक्टर श्री बी.एस. उइके के निर्देश पर मामले का त्वरित निराकरण करते हुए छबिराम को मौके पर ही ऋण पुस्तिका प्रदान की गई। छबिराम ने भावुक होकर बताया कि ऋण पुस्तिका नहीं होने के कारण उन्हें खाद-बीज लेने में कठिनाई हो रही थी और धान विक्रय में भी परेशानी आ रही थी।
अब यह समस्या पूरी तरह से दूर हो गई है। उन्होंने कहा कि ऋण पुस्तिका बनाने के लिए उन्हें दफ्तर जाना पड़ता था, लेकिन आज मेरे ही गांव में शिविर लगा और बिना किसी दौड़-भाग के मुझे नई ऋण पुस्तिका मिल गई।
यह मेरे लिए बहुत बड़ी राहत है। उन्होंने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। सुशासन तिहार के अंतर्गत लगाए जा रहे ऐसे शिविर न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं।