जनगणना 2027: डिजिटल दौर में रेडियो श्रोताओं पर भी नजर, टीम पूछेगी 34 सवाल…

इंटरनेट के दौर में जनगणना से जुड़ी टीमें घर पहुंच उस शख्स को भी ढूंढेंगी जिसे अब भी रेडियो सुनना पसंद होगा। परिवार के गेहूं, मक्के, बाजरे की रोटी पसंद करते हैं या फिर चावल पकाना पसंद करते हैं। इस सवाल का जवाब भी देना होगा।

पानी जल संस्थान के फिल्टर प्लांट से पहुंचता है या नजदीकी नलकूप से प्यास बुझती है। जानकारी के तौर पर इसे भी दर्ज किया जाएगा। वहीं, गैस संकट के बीच पूछा जाएगा कि सिलिंडर का इस्तेमाल करते हो या गैस पाइपलाइन से भोजन पकाया जा रहा है। अगर चूल्हे की रोटी पसंद है तो जवाब बदल जाएगा।

दस अप्रैल से स्वगणना की शुरुआत

जनगणना 2027 को लेकर पहले चरण में भवनों की गणना की जाएगी। दस अप्रैल से स्वगणना की शुरुआत हुई है। https://se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से लोग स्वयं भी भवन संबंधी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। वहीं, 25 अप्रैल से 24 मई के बीच जनगणना कार्मिक घर-घर पहुंच भवन की जानकारी जुटाएंगे।

आरक्षित वर्ग को मिलाकर 850 लोगों की ड्यूटी तय की गई है। भवन गणना के दौरान गृहस्वामी और परिवार के अन्य सदस्यों को 34 सवालों के जवाब भी देने होंगे। कमरों की संख्या से लेकर सादे, टाइल और संगमरमर के पत्थर वाले फर्श के बारे में भी बताना होगा।

जाति और मकान की स्थिति व स्वामित्व का रिकार्ड भी दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा पानी-बिजली के स्त्रोत, शौचालय की स्थिति, कार, बाइक, टीवी, इंटरनेट सुविधा, विवाहित-अविवाहित सदस्यों से जुड़े सवाल भी होंगे।

60 वार्डों वाले हल्द्वानी को जनगणना के लिए 674 हिस्सों में बांटा

स्वगणना का दौर खत्म होने के बाद जनगणना से जुड़ी टीमें घर-घर पहुंचेगी। निगम क्षेत्र के जनगणना प्रमुख परितोष वर्मा ने बताया कि वर्तमान में प्रशिक्षण का दौर चल रहा है। भवन गणना के लिए साठ वार्डों वाले निगम क्षेत्र को 674 हिस्सों (ब्लाक) में बांटा गया है।

हर ब्लाक में एक गणना ब्लाक (कर्मचारी) को तैनात किया जाएगा। ड्यूटी तय करने के लिए 800 की आबादी और अधिकतम 200 घरों तक का मानक तय किया गया है। शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों से कर्मचारी प्रक्रिया को पूरा कराएंगे।

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