दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल अंतर्गत भिलाई स्थित वैगन मेंटेनेंस के प्रमुख पीपी (पद्मनाभपुर) यार्ड में गुरुवार देर शाम केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने अचानक दबिश दी।
वरिष्ठ विभागीय अधिकारी द्वारा ठेकेदारों के बिल पास करने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत पर यह कार्रवाई की जा रही है। देर रात तक सीबीआइ के 10 से 12 अधिकारियों की टीम सीनियर डीएमई अनमोल उईके के चेंबर में दस्तावेजों को खंगालने और पूछताछ में जुटी रही।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बिल भुगतान को लेकर एक ठेकेदार ने सीधे सीबीआइ से शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद नई दिल्ली से सीबीआइ की विशेष टीम निजी वाहनों से सीधे भिलाई पहुंची। स्थानीय स्तर पर जांच में सहयोग के लिए रायपुर और दुर्ग पासिंग की गाड़ियों में भी अफसर मौके पर पहुंचे।
यार्ड में बाहरी लोगों का प्रवेश बंद
कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि पीपी यार्ड के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया और किसी भी रेल अधिकारी या कर्मचारी को भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। जिस वक्त दबिश दी गई, उस समय दफ्तर में बिल और मेंटेनेंस से जुड़ी फाइलें मौजूद थीं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस बात का राजफाश नहीं हो सका है कि रिश्वत की रकम बरामद हुई है या नहीं।
पहले भी विवादों में रहा है भिलाई का पीपी यार्ड
2023 में सील हुआ था यार्ड: यह पहला मौका नहीं है जब भिलाई का पीपी यार्ड सीबीआइ के रडार पर आया हो। वर्ष 2023 में भी भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद सीबीआइ ने इस यार्ड को सील कर दस्तावेजों की जब्ती की थी।
खेल कोटे में धांधली की जांच: चंद महीने पहले ही रायपुर रेल मंडल में खेल कोटे से नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ऐंठने के मामले में भी सीबीआइ ने छापेमारी की थी।
काफी समय से मिल रही थी शिकायतें
लंबे समय से सीनियर डीएमई अनमोल उइके के खिलाफ शिकायत थी कि वह ठेकेदारों से रुपये की उगाही करता था। यार्ड में होने वाले आउटसोर्सिंग के बड़े-बड़े टेंडर (करोड़ों रुपये के आउटसोर्सिंग बिल) सीनियर डीएमई के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। वही टेंडर आमंत्रित करने, तकनीकी मूल्यांकन करने और वर्क आर्डर जारी करने की प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।
ठेकेदार जब यार्ड में काम पूरा कर लेते हैं (जैसे प्रति वैगन रिपेयरिंग का बिल), तो उन रनिंग बिल्स की अंतिम स्वीकृति और पेमेंट फाइल पर सीनियर डीएमई के साइन होते हैं। आशंका है कि इन्हीं कामों के एवज में रिश्वत मांगी गई होगी।