बिल्डरों पर सीबीआई का शिकंजा, बेंगलुरु, मुंबई और पुणे में 12 ठिकानों पर छापेमारी…

सीबीआई ने गुरुवार को बेंगलुरु, मुंबई और पुणे में 12 जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज पांच नए आपराधिक मामलों के सिलसिले में की गई। इन पर घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी और ठगी का आरोप है।

सीबीआई ने बताया कि ये पांचों मामले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दर्ज किए गए थे। इनमें से चार मामले ओजोन ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनियों के बेंगलुरु और मुंबई में चल रहे प्रोजेक्ट से जुड़े हैं, जबकि एक मामला बेंगलुरु में विवांशा बालसम के प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

इन मामलों में अलग-अलग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के अज्ञात अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। इन पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक कदाचार जैसे आरोप हैं।

सीबीआई के अनुसार, ये मामले बिल्डरों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत से जुड़े हैं। इसके चलते घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी और ठगी हुई।

बड़ी संख्या में घर खरीदारों ने बिल्डरों की कथित धोखाधड़ी वाली गतिविधियों से राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

इन तलाशी अभियानों का उद्देश्य हाउसिंग रियल एस्टेट सेक्टर में फंड के गलत इस्तेमाल, वित्तीय गड़बड़ियों और धोखाधड़ी जैसी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए अहम सुबूत जुटाना था।

तलाशी के दौरान एजेंसी ने ऐसे दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और दूसरी चीजें जब्त कीं जिनसे गड़बड़ी का पता चलता है। जांच के तहत इनकी पड़ताल की जा रही है।

जांच एजेंसी ने बताया कि उसने पहले ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पूरे भारत में अलग-अलग बिल्डरों के खिलाफ 50 मामले दर्ज किए थे। इन पांच नए मामलों के साथ एजेंसी ने अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कुल 55 मामले दर्ज कर लिए हैं।

सीबीआई ने आर्थिक अपराधों की तेजी से और निष्पक्ष जांच करने तथा कानूनों और गाइडलाइंस का उल्लंघन कर घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी के मामलों में जवाबदेही तय करने के अपने संकल्प को दोहराया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *