शेयर ट्रेडिंग कंपनी से जुड़े कर्मचारी पर निवेशकों के करीब 45 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित विश्वजीत श्रीवास्तव ने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि वह एक शेयर ट्रेडिंग कंपनी के लाइसेंसी ब्रोकर हैं। उनके यहां काम करने वाले गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुरी मोहनपुर निवासी नवीन श्रीवास्तव कंपनी में फाउंडर मेंबर था और बैंक से जुड़े सभी लेनदेन का काम संभालता था। इसी दौरान उसने निवेशकों के लगभग 45 लाख रुपये अपने सगे संबंधियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
आरोप है कि आरोपी ने कंपनी की फर्जी आईडी तैयार कर निवेशकों को अलर्ट भेजे, जिससे किसी को संदेह न हो। इतना ही नहीं, कंपनी के हस्ताक्षरित चेक भी अपने रिश्तेदारों के नाम दे दिए। जब इस संबंध में उससे पूछताछ की गई तो वह लगातार टालमटोल करता रहा और सही जानकारी नहीं दे पाया।
इसके बाद पीड़ित ने स्थानीय थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। थानाध्यक्ष शाहपुर चंद्रभान सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।