सुशासन तिहार के आवेदनों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश
कलेक्टर श्री विश्वदीप ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए जिले के विकास में शत-प्रतिशत योगदान देने की समझाइश दी। बुधवार को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में उन्होंने कहा कि टीएल में प्राप्त किसी भी प्रकरण का निराकरण 15 दिवस के भीतर सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी प्रकरण के समाधान में व्यवहारिक कठिनाई हो तो तत्काल अवगत कराया जाए।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने विभाग से संबंधित अद्यतन जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर मुन्ने कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है, जिसे सभी विभागों के समन्वय एवं तालमेल से शत-प्रतिशत सैचुरेशन तक पहुंचाया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया कि बारिश से पहले पूर्ण होने वाले सभी निर्माण कार्य पुल-पुलिया, रपटा, स्कूल, आंगनबाड़ी, राशन दुकान सहित अन्य भवनों का निर्माण तेजी और गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाए।
पीएमजीएसवायए पीडब्ल्यूडी तथा अन्य निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया गया कि जो कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल शुरू कर समय-सीमा में पूर्ण करें। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में जिले में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां पहुंचना कठिन हो, इसलिए निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। पंचायत सचिवों के साथ बैठक कर आवश्यक कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए गए।
पीएमजीएसवाय सड़कों के निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और पीडब्ल्यूडी व पीएमजीएसवाय अधिकारियों को सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बेलनार, बैल पुजारी कांकेर सहित विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए बारिश पूर्व पुल-पुलिया एवं रपटा निर्माण पूर्ण कराने पर जोर दिया गया।
समस्त एसडीएम को निर्देशित किया गया कि बरसात के दौरान जिन गांवों में पहुंचना कठिन हो जाता है, वहां की चिन्हित राशन दुकानों में पर्याप्त मात्रा में राशन सामग्री- चावल, नमक, शक्कर, गुड़ एवं चना का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उपार्जन केंद्रों में रखे धान का मिलरों के माध्यम से शीघ्र उठाव कराने के निर्देश दिए गए।
खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। विद्युत वितरण कंपनी को भी वर्षा पूर्व शेष गांवों में विद्युतीकरण कार्य स्पष्ट कार्ययोजना के साथ पूर्ण करने को कहा गया। एग्रीस्टेक के तहत 05 जून 2026 तक शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने पोटा केबिन, आश्रम एवं छात्रावासों का निरीक्षण तीन दिवस के भीतर पूर्ण कर गूगल शीट में जानकारी दर्ज करने को कहा।
मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीजी पोर्टल, कलेक्टर जनदर्शन तथा सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के साथ आवेदकों को निराकरण की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। श्रम विभाग को श्रमिक पंजीयन में तेजी लाने, पात्र श्रमिकों के श्रमिक कार्ड बनाने तथा शिक्षा एवं वन विभाग के समन्वय से पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
शासकीय संस्थानों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे, अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार एवं जनपद पंचायतों के सीईओ उपस्थित रहे।