दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr. Reddy’s Laboratories) के लिए एक बड़ी नकारात्मक खबर सामने आई है। कंपनी ने अपनी महत्वपूर्ण दवा ‘सेमाग्लूटाइड’ (Semaglutide) की कमर्शियल सप्लाई को फिलहाल रोक दिया है। रिसर्च (Emkay Research) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दवा के एक बड़े बैच में अशुद्धि (Impurity) पाए जाने के कारण कंपनी ने यह कड़ा कदम उठाया है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के मुताबिक, सेमाग्लूटाइड के हालिया बड़े बैच के परीक्षण के दौरान यह पाया गया कि दवा तय मानकों (Specifications) पर खरी नहीं उतरी है। इसका मुख्य कारण ‘पेप्टाइड सिंथेसिस’ में आई खराबी बताई जा रही है, जिससे दवा के फॉर्मूलेशन में अशुद्धि पैदा हो गई। कंपनी फिलहाल इस खराबी के मूल कारण (Root Cause) की जांच कर रही है, जिसमें कुछ हफ्तों का समय लग सकता है।
सप्लाई और कमाई पर पड़ेगा असर
इस रुकावट के कारण कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए अपने वॉल्यूम गाइडेंस में कटौती की है। पहले कंपनी को 10-12 मिलियन पेन (Pens) की सप्लाई की उम्मीद थी, जिसे अब घटाकर लगभग 8 मिलियन पेन कर दिया गया है। कंपनी को उम्मीद है कि री-वैलिडेशन और टेस्टिंग की प्रक्रिया सितंबर 2026 तक पूरी हो जाएगी और बाजार में सप्लाई नवंबर 2026 से दोबारा शुरू हो सकेगी।
एम्के रिसर्च ने इस घटनाक्रम के बाद डॉ. रेड्डीज के वित्त वर्ष 2027 के कमाई के अनुमान (Earnings Estimate) में 7% की कटौती की है। ब्रोकरेज फर्म ने शेयर पर अपनी ‘REDUCE’ रेटिंग बरकरार रखी है और 1,300 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें
- इन्वेंट्री राइट-डाउन: प्रभावित बैचों के लिए कंपनी को अपनी इन्वेंट्री की वैल्यू घटानी होगी।
- वैकल्पिक सप्लायर: कंपनी अब API के लिए वैकल्पिक सप्लायर की तलाश करेगी, लेकिन इस प्रक्रिया में लगभग 1 साल का समय लग सकता है।
- ओरल टैबलेट सुरक्षित: अच्छी खबर यह है कि सेमाग्लूटाइड की ओरल टैबलेट्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उनमें अलग API का इस्तेमाल होता है।
- कोई पेनल्टी नहीं: मैनेजमेंट को मौजूदा सप्लाई समझौतों के तहत किसी जुर्माने की आशंका नहीं है।
डॉ. रेड्डीज: वित्तीय एक झलक (अनुमानित)
| विवरण (FY मार्च अंत) | FY25 | FY26 | FY27E (अनुमानित) |
|---|---|---|---|
| कुल राजस्व (Revenue) | 3,24,269 | 3,40,463 | 3,66,862 |
| EBITDA मार्जिन (%) | 26.4% | 22.0% | 18.9% |
| शुद्ध लाभ (Adj. PAT) | 56,672 | 50,293 | 40,977 |
| प्रति शेयर आय (EPS – Rs) | 67.9 | 60.3 | 49.1 |
सोर्स- एम्के रिसर्च (आंकड़े मिलियन रुपये में)
स्टॉक परफॉर्मेंस और रिस्क
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि नवंबर 2026 तक सप्लाई दोबारा शुरू नहीं होती है या बाजार की स्थिति बिगड़ती है, तो कंपनी की मुश्किलों में और इजाफा हो सकता है। पिछले एक साल में कंपनी का शेयर लगभग सपाट रहा है, जबकि बाजार के अन्य शेयरों में तेजी देखी गई है।