सपा नेता आजम खान को अब तक आठ मुकदमों में सजा हो चुकी है।
इनमें सबसे अधिक 10 साल की सजा दो मुकदमों में हुई है। दो पैन कार्ड से पहले डूंगरपुर के एक मामले में भी न्यायालय ने उन्हें 10 साल के कारावास की सजा सुनाई थी।
दो साल पहले 30 मई 2024 को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) ने ही आजम खान को पहली बार इतनी अधिक लंबी अवधि की सजा सुनाई थी।
यह सजा उन्हें घर में घुसकर लूटपाट, गाली गलौज और धमकी देने का दोषी मानते हुए सुनाई थी। इसमें 14 लाख रुपये का जुर्माना भी डाला था।
इन मुकदमों में भी हो चुकी सजा
13 फरवरी 2023 को मुरादाबाद की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने आजम खां और अब्दुल्ला को छजलैट में हाईवे जाम करने के मामले में दो-दो साल की सजा सुनाई थी।
इसमें अब्दुल्ला की विधायकी चली गई थी। बाकी मामलों में रामपुर की अदालत से फैसले हुए। इनमें 27 अक्टूबर 2022 को मिलक कोतवाली में दर्ज भड़काऊ भाषण के मामले में उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी।
15 जुलाई 2023 को भड़काऊ भाषण के थाना शहजादनगर में दर्ज हुए मुकदमे में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने आजम खां को दो साल कैद और ढाई हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में 18 अक्टूबर 2023 को आजम खान, उनकी पत्नी पूर्व सांसद डा. तजीन फात्मा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला को सात साल कारावास की सजा हुई थी।
18 मार्च 2024 को डूंगरपुर प्रकरण के ही दूसरे मामले में आजम खान को सात साल कारावास की सजा सुनाई थी। 16 मई 2026 में आजम खान के खिलाफ एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल ने भड़काऊ भाषण के मामले में फैसला सुनाया, जिसमें दो साल के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इसमें आजम खान ने डीएम को तनखइया कहा था और जूते साफ कराने का बयान दिया था। 17 नवंबर 2025 को दो पैन कार्ड मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने आजम और अब्दुल्ला को सात-सात साल की सजा सुनाई थी।
इस सजा को बढ़ाने के लिए हुई अपील पर शनिवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) ने फैसला सुनाया। इसमें आजम खान की सजा को 10 साल के लिए बढ़ा दिया है।