भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ओडिशा विजिलेंस ने सोमवार (3 अगस्त 2026) को एक बड़ी कार्रवाई की है।
विजिलेंस की टीम ने सुंदरगढ़ क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के ट्रैफिक इंस्पेक्टर (ओएमवीडी) मुकेश कुमार मिश्रा को एक ट्रक मालिक से 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आरोपित अधिकारी यह रकम परिवहन व्यवसाय को बिना किसी बाधा के चलने देने के एवज में ‘मासिक कोटे’ के रूप में वसूल रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता (ट्रक मालिक) के दो हाईवा ट्रक चलते हैं। ट्रैफिक इंस्पेक्टर मुकेश कुमार मिश्रा ने इन दोनों ट्रकों को अपने अधिकार क्षेत्र में सुचारू रूप से और बिना किसी रोक-टोक के चलने देने के लिए जून और जुलाई 2026 (दो महीने) के मासिक कोटे के रूप में 20,000 रुपये की मांग की थी।
ट्रक मालिक यह अनुचित मांग पूरी करने में असमर्थ था और उसने इसकी गुप्त शिकायत विजिलेंस के अधिकारियों से कर दी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ओडिशा विजिलेंस की टीम ने एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। सोमवार को जैसे ही ट्रैफिक इंस्पेक्टर श्री मिश्रा ने शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये की रिश्वत ली, वहां पहले से मुस्तैद विजिलेंस की टीम ने उन्हें धर दबोचा। विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपित के पास से रिश्वत के रूप में लिए गए पूरे 20,000 रुपये बरामद कर जब्त कर लिए हैं।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के तुरंत बाद, आय से अधिक संपत्ति के दृष्टिकोण से आरोपित मुकेश कुमार मिश्रा से जुड़े तीन अलग-अलग ठिकानों पर विजिलेंस की टीमों द्वारा एक साथ छापामारी की जा रही है।
इस संबंध में राउरकेला विजिलेंस पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला (कांड संख्या 06, दिनांक 02.08.2026) दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपित इंस्पेक्टर से पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।