गर्मी का पारा चढ़ने के साथ ही पहाड़ में जंगल धधकने लगे हैं। द्वारीखाल व एकेश्वर क्षेत्र के आसपास जंगलों में आग लगी हुई थी। दो दिन पूर्व एकेश्वर में आग पब्लिक इंटर कालेज सुरखेत तक पहुंच गई थी।
वहीं, कोटद्वार क्षेत्र में भी सीमा पर स्थित बिजनौर वन प्रभाग क्षेत्र के जंगलों में आग लगने की घटना बढ़ गई है। आग के कारण सैकड़ों हेक्टेयर में फैली वन संपदा जलकर खाक हो गई। मैदान के साथ ही पहाड़ में भी गर्मी का पारा चढ़ रहा है। यही कारण है कि जगह-जगह चीड़ के जंगल ने धधकना शुरु कर दिया है।
ग्रामीणों की मुश्किलें भी बढ़ी
द्वारीखाल क्षेत्र के आसपास के जंगल में आग लगी हुई थी। इसके कारण चारों ओर धुएं का गुब्बार दिखाई दिया। जंगल जलने से उठ रहे धुएं ने आसपस के गांव में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें भी बढ़ा दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि धुएं के कारण आखों से संबंधित समस्याएं हो रही हैं। आग आबादी क्षेत्र तक न पहुंचे इसके लिए ग्रामीण सावधान होकर बैठे हुए हैं।
वहीं, एकेश्वर में पब्लिक इंटर कालेज सुरखेत के समीप किसी असामाजिक तत्व ने जंगल में आग लगा दी थी। आग स्कूल तक न पहुंचे इसके लिए ग्रामीणों ने एक जुट होकर आग पर काबू पाया।
वहीं, कौड़िया व मोटाढांग क्षेत्र के समीप सीमा पर उत्तर प्रदेश के जंगलों में भी आग लगने की घटना बढ़ गई है। दरअसल, कई लोग घरों से निकलने वाले कूड़े को जंगल में फेंक देने हैं। जिससे आग लगने की घटना हो रही है।