जम्मू कश्मीर में निकट भविष्य में संभावित पंचायत चुनाव के दाैरान मतपत्र द्विभाषीय हो सकते हैं। प्रदेश चुनाव आयोग(SEC) मतपत्रों के के द्विभाषीय प्रकाशन पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इस बीच,एसईसी जल्द ही प्रदेश के चुनाव अधिकारियों का एक दल हिमाचल प्रदेश और पंजाब में पंचायत एवं नगर निकायों की प्रक्रिया और व्यवस्था के अध्ययन के लिए भेजेगा।
उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर में पंचायत और नगर निकायों के चुनाव एक लंबे समय से लंबित पड़े हुए है। नगर निकायों के चुनाव नवंबर 2023 से लंबित पड़े हैं जबकि पंचायतों और ब्लाक विकास परिषदों का कार्यकाल जनवरी 2024 में पूरा हो गया था। जिला विकास परिषदों का कार्यकाल इसी वर्ष फरवरी में संपन्न हुआ है।
प्रदेश चुनाव आयोग ने पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव कराने की दिशा में कदम बढा़ते हुए गत माह मतदाता सूचियों को प्रकाशन करने के अलावा चुनावों की मैनुअल बुक व अन्य विषयों को भी अंतिम रूप देना शुरु कर दिया है। मौजूदा समय में जम्ू कश्मीर में पंचायत मतदाताओं की संख्या 72.24 लाख है।
किसी भी समय हो सकता है चुनावों का एलान
हालांकि पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हैं,लेकिन उम्मीद की जा रही है कि श्री अमरनाथ जी की गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा-2026 के संपन्न् होने के बाद सितंबर में या फिर उसके बाद किसी भी समय इन चुनावों का एलान किया जा सकता है।
संबधित अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश चुनाव आयोग मतपत्रों के द्विभाषीय प्रकाशन पर गंभीरता से विचार कर रहा है। जम्मू संभाग में मतपद्ध अंग्रेज़ी के साथ हिंदी में प्रकाशित करने की मांग हाे रही है जबकि जबकि कश्मीर संभाग में अंग्रेज़ी के साथ उर्दू भाषा में बैलेट पेपर उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।
उन्होंने बताया कि आयोग इस विषय में संबधित प्रशासन के साथ विचार विमर्श कर रहा है और अगले कुछ दिनों में इस पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में पंचायत, ब्लाक विकास परिषद (बीडीसी) और जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनाव में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतदाता मतपत्र के जरिए ही करता है जबिक नगर निकाय चुनाव में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएस) का इस्तेमाल होता है।
पारदर्शी व स्वतंत्र चुनाव कराने का हो रहा प्रयास
उन्होंने बताया कि प्रदेश चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया से संबधित अधिकारियों का एक दल पजांब और हिमाचल प्रदेश भेजने का भी निर्णय लिया है। इन दोनों राज्यों में पंचायत और नगर निकायों के चुनाव कुछ समय पूर्व ही संपन्न हुए हैं। जम्मू-कश्मीर के चुनाव आयोग से संबधित अधिकारियों का दल इन दोनों राज्यों में पंचायत और नगर निकाय चुनावों की प्रक्रिया व अन्य संबधित गतिविधियों का अध्ययन करेगा। उसके आधार पर वह प्रदेश में पंुचाायत व नगर निकायों की चुनाव प्रक्रिया को और ज्यादा बेहतर, पारदर्शी व स्वतंत्र बनाने के लिए उपाय लागू करेगा।
इस बीच, विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी पंचायत और नगर निकाय चुनावों के लिए अपनी संगठनात्मक गतिविधियोां शुरु कर दी हैं। सभी अपने कार्यकर्ताओं को किसी भी समय चुनाव के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित करते हुए्र, अपने योग्य उम्मीदवारों को चिह्नित करने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।