असम और गुजरात में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। असम में लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। इस आपदा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है और 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
25 जिलों के 10.63 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं गुजरात में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन जबरदस्त बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। कई गांवों का संपर्क कट गया और 50 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने स्कूल बंद कर दिए और मुंबई जाने वाली ट्रेनों को रद कर दिया। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए दोनों राज्यों में सेना बुला ली गई है।
प्रेट्र के अनुसार, असम का शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जहां लगभग 3.8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद चराइदेव में लगभग 1.9 लाख और जोरहाट में 1.2 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं। 28,912 लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों से निकाला गया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है और यथासंभव मदद कर रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बाढ़ की वजह से छह लोगों की मौत हो गई है।
शिवसागर जिले में बाढ़ के पानी में डूबने से चार लोगों की मौत हुई। चराइदेव में दो लोगों की मौत हुई। प्रशासन नौ जिलों में 358 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जहां अभी 24,124 विस्थापित लोगों की देखभाल की जा रही है।
883 गांव पानी में डूबे हुए हैं और 25,375 हेक्टेयर में लगी फसल को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ ने विभिन्न जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचाया है।
अहमदाबाद से राज्य ब्यूरो के अनुसार, गुजरात के सूरत, नवसारी, वलसाड, अहमदाबाद समेत करीब ढाई सौ तहसीलों में भारी वर्षा से हालात बेकाबू हो गए हैं।
राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 17 टीमों को उतारा गया। वहीं, नवसारी-वलसाड में सेना की दो-दो टुकड़ियां बचाव को उतरी हैं और चार को स्टैंडबाय रखा गया है।
तटरक्षक बल ने नवसारी में हेलीकॉप्टर के माध्यम से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल हालात का जायजा ले रहे हैं।
अहमदाबाद की 125 से अधिक सोसायटी जलमग्न हैं। करीब 100 से अधिक मार्ग पानी भर जाने से बंद पड़े हैं। राज्य सरकार बाढ़ पीड़ितों को नकद सहायता देने के साथ फूड पैकेट, मेडिकल सहायता व अन्य जरूरी सामान मुहैया करा रही है।