मध्य प्रदेश में एथनॉल के नाम पर किए गए करोड़ों के सरकारी फोर्टिफाइड चावल घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने मप्र के पूर्व मंत्री व भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के बड़े भाई कुमार कावरे के व्यापार साझेदार विनोद शर्मा को गिरफ्तार किया है।
शर्मा बालाघाट के टेकाड़ी स्थित हर्ष राइस इंडस्ट्री में कावरे का साझीदार है। इधर बालाघाट के वारासिवनी स्थित संचेती राइस के संचालक राजेश उर्फ राजू संचेती को एसआईटी ने छत्तीसगढ़ से तथा सिवनी जिले की नंदगोपाल राइस मिल के संचालक सोनू जैन को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राजेश संचेती और विनोद शर्मा को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया।
पूछताछ के लिए दोनों आरोपितों की पांच दिनों की रिमांड ली गई है। इस मामले में अब तक 12 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि चार लोग फरार हैं।
फरार आरोपितों की धरपकड़ के लिए एसआइटी की टीमें कई राज्यों में दबिश दे रही है। एथनॉल प्लांट के साझेदार मालिक अरुण सिंघल, अभिनव सिंघल और मनोज शर्मा गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट की शरण में पहुंचे हैं।
एसआइटी को जांच में सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिसमें राजेश संचेती एवीजे एथनाल प्लांट के लिए रिलीज हुए चावल को दो जून को अपनी राइस मिल में उतरवाते नजर आ रहा है।
एसपी आदित्य मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है। राजेश ने खड़े रहकर ट्रक क्रमांक सीजी 04 एचबी 5082 में लदीं सरकारी चावल की दो हजार बोरियां उतरवाई थीं और बोरियों में लगे टैग फेंक दिये थे।
एसआईटी ने खाली बोरियां और टैग बरामद किए हैं। वहीं, पूर्व मंत्री के भाई की हर्ष राइस इंडस्ट्री में भी हुई चावल की हेराफेरी के सुबूतों के आधार पर विनोद शर्मा को आरोपित बनाया गया है।
मामले में पूर्व मंत्री के भाई कुमार कावरे और भतीजे अनिवाश कावरे से भी एसआइटी ने लंबी पूछताछ की है। जबकि राजेश संचेती वारासिवनी में संचेती राइस मिल, संचेती उद्योग और संचेती सार्टेक्स नाम से कंपनी संचालित करता है। इनके संचालन में संचेती परिवार के सौरभ व गंभीर भी शामिल हैं।
सौरभ और गंभीर डेढ़ महीने से फरार हैं। राजेश अपनी कंपनी का वित्तीय प्रबंधन संभालता है। राजेश वैसे तो सराफा कारोबारी है, लेकिन उसने संचेती इंडस्ट्री में 50-60 लाख रुपये का निवेश किया था।
तीन जून को सामने आया मामला
मामूल हो कि मध्य प्रदेश के बालाघाट व सिवनी जिलों में चावल घोटाले का मामला तीन जून को सामने आया था। बालाघाट में 242 क्विंटल सरकारी चावल का ट्रक पकड़े जाने के बाद जांच एसआइटी को दी गई।
जांच अधिकारियों ने आशंका जताई है कि 17 जिलों के 22 एथनॉल प्लांटों का करीब 1100 करोड़ रुपये का चावल राइस मिलों में खपाया गया है। मामले में तीन राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के कुछ राइस मिल संचालकों की संलिप्तता बताई जा रही है। एसआईटी की टीम इन राज्यों में दबिश दे रही है।