केंद्र सरकार और एनएससीएन-के निकी सुमी गुट ने संघर्ष-विराम को एक और साल के लिए बढ़ा दिया है।
सोमवार को जारी बयान के अनुसार, इस समझौते पर सोमवार को एनएससीएन-के (निकी) सीजफायर सुपरवाइजरी बोर्ड (सीएफएसबी) के सुपरवाइजर एबेल जिंगरू थुअर, सचिव अमेका अचुमी और गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव नीरज कुमार बंसोड़ ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते का मकसद नगा लोगों की भागीदारी से नगालैंड में स्थायी शांति लाना है।
समझौते में यह भी तय किया गया था कि युद्धविराम, दोनों पक्षों की आपसी सहमति और हस्ताक्षर से तय किए गए युद्धविराम के नियमों के पालन पर निर्भर रहेगा। इस समझौते में यह भी प्रविधान है कि दोनों पक्षों की भागीदारी से बुनियादी नियमों की आपसी समीक्षा और उनमें संशोधन किया जाएगा।
एनएससीएन- के (निकी) ने सबसे पहले 2021 में केंद्र के साथ संघर्ष-विराम समझौता किया था। इसे हाल ही में सात सितंबर, 2027 तक बढ़ा दिया गया है। यह गुट 2021 में ही एनएससीएन-के से अलग हो गया था और फिर केंद्र के साथ संघर्ष-विराम समझौता किया था।