सीबीआई ने डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी के तीन मामलों में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पीड़ितों से कथित तौर पर 42 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई थी। इन मामलों में अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
ये गिरफ्तारियां साइबर अपराध के खिलाफ सीबीआई के राष्ट्रव्यापी अभियान “ऑपरेशन चक्र-छह” के तहत की गई हैं, जिसका उद्देश्य डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी में शामिल नेटवर्क पर कार्रवाई करना है।
सीबीआई की प्रवक्ता बीना यादव ने रविवार को बताया कि नवीनतम गिरफ्तारियां 20 राज्यों में 89 स्थानों पर छापेमारी के बाद हुईं। हाल में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपित कथित तौर पर ठगी की रकम प्राप्त करने, उसे विभिन्न खातों में छिपाने और आगे भेजने में शामिल थे।
मध्य प्रदेश के इटारसी निवासी संकेत बस्तवार और पंकज दामाडे ने कथित तौर पर एक बैंक खाते का इंतजाम किया, उसमें डिजिटल अरेस्ट के जरिये ठगी की रकम प्राप्त की और धनराशि को अलग-अलग खातों में भेजने में भूमिका निभाई, ताकि रकम के स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो सके।
अन्य तीन आरोपितों-नई दिल्ली निवासी आरिफ उर्फ किंग भाई, हरीश पुरुषोत्तम यादव उर्फ हैरी और गाजियाबाद निवासी शशांक सिंह उर्फ रवि ने कथित तौर पर एक बैंक खाता मुहैया कराया, जिसका उपयोग पीड़ित से पैसे प्राप्त करने के लिए किया गया। बाद में कई खातों के जरिये रकम को इधर-उधर किया गया।