तमिलनाडु सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को सचिवालय से स्थानांतरित कर नामक्कल कविंगर मलिगाई की 10वीं मंजिल पर ले जाने के लिए 6.17 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। यह जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सामने आई है। सार्वजनिक (भवन) विभाग ने 23 अगस्त को दायर एक आरटीआई आवेदन के जवाब में यह आधिकारिक खुलासा किया है।
सार्वजनिक सूचना अधिकारी और कार्यकारी अभियंता द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार, सीएमओ के स्थानांतरण और संबंधित निर्माण कार्यों के लिए 6.17 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। इस वित्तीय आवंटन के सामने आने के बाद से राज्य सचिवालय परिसर के भीतर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर होने वाले खर्च को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दूसरी ओर, विपक्षी नेताओं के हमलों और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर राज्य के मंत्री अरुण राज ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विजय विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन और अन्य विधायकों द्वारा उठाए गए सभी सवालों के जवाब खुद देंगे।
उन्होंने वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था के बिगड़ने के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। अरुण राज ने उदयनिधि स्टालिन की उन टिप्पणियों की भी तीखी आलोचना की, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि द्रमुक शासन के दौरान कानून-व्यवस्था बेहतर थी और पिछले 100 दिनों में स्थिति खराब हुई है। राज ने कहा कि सरकार और लोकतंत्र जनता के प्रति जवाबदेह है और मुख्यमंत्री सदन में स्थिति स्पष्ट करेंगे।