इंडोनेशिया में रविवार सुबह अनक क्राकाटाऊ ज्वालामुखी फट गया और इसकी राख पश्चिमी इंडोनेशिया के विभिन्न हिस्सों में फैल गई।
इस वजह से जकार्ता के सुकर्णो-हट्टा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें रद कर दी गईं। साथ ही अन्य घरेलू एयरपोर्टों पर भी दिक्कतें आईं और 1500 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं।
इंडोनेशिया की जियोलाजिकल एजेंसी ने कहा कि मुख्य जावा और सुमात्रा द्वीपों के बीच इंडोनेशिया के सुंडा स्ट्रेट में मौजूद ज्वालामुखी द्वीप में शुक्रवार से ही सक्रियता के संकेत दिख रहे थे।
लेकिन रविवार सुबह 3:53 बजे ज्वालामुखी 30 सेकंड के लिए और लगभग तीन घंटे बाद यह 16 सेकंड के लिए फटा। सीसीटीवी फुटेज में ज्वालामुखी से लावा निकलता हुआ दिखा।
सेटेलाइट तस्वीरों में दिखे राख के दो गुबार
इंडोनेशिया की वोल्केनोलाजी एजेंसी और डार्विन वोल्केनिक एश एडवाइजरी सेंटर ने सेटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल करके राख के दो गुबारों की पहचान की।
राख का एक गुबार 20,000 फीट (6,100 मीटर) की ऊंचाई तक उठा और जकार्ता, बैंटेन, पश्चिमी जावा और आस-पास के समुद्री इलाकों के ऊपर उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ा।
राख का दूसरा गुबार 50,000 फीट (15,200 मीटर) की ऊंचाई तक पहुंचा और बैंटेन, लैंपुंग व बेंकुलु प्रांतों, दक्षिणी सुंडा स्ट्रेट व सुमात्रा के पश्चिम में हिंद महासागर के कुछ हिस्सों में फैल गया।एयरनेव इंडोनेशिया ने ज्वालामुखी की राख की वजह से जकार्ता में सुकर्णो-हट्टा और हलीम परदानाकुसुमा एयरपोर्ट के साथ-साथ लैंपुंग में रेडिन इंटेन-2 एयरपोर्ट समेत छह अन्य एयरपोर्ट को बंद कर दिया।
सुकर्णो-हट्टा एयरपोर्ट पर 964 उड़ानों पर असर
रविवार शाम तक अकेले सुकर्णो-हट्टा एयरपोर्ट पर 964 उड़ानों पर असर पड़ा, जिससे करीब 1.7 लाख यात्री प्रभावित हुए। ज्वालामुखी फटने की वजह से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और इलाके खाली करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
सबसे पास की बस्ती 16 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है, लेकिन अधिकारियों ने निवासियों व आगंतुकों को एक्टिव क्रेटर से कम से कम तीन किलोमीटर दूर रहने की चेतावनी दी है।
आपदा न्यूनीकरण एजेंसी बीएनपीबी ने लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें, राख गिरने पर मास्क एवं आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनें, घर से बाहर कम निकलें, पानी के स्रोतों को ढककर रखें और गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें।