मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में खसरा और मलेरिया से बैगा जनजाति के बच्चों की मौत के शनिवार को 18 राज्यों के आदिवासी नेताओं ने धरना प्रदर्शन किया।
मध्य प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, बिहार, महाराष्ट्र, असम सहित अन्य राज्यों से पहुंचे यह आदिवासी नेता प्रभावित गांव कोरका और बोंदारी भी पहुंचे एवं सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चिंता जताई है। वहीं मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है।
बता दें कि खसरा मलेरिया सहित अन्य बीमारियों से जिले में 30 मौतों का दावा किया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने 10 मौतों की पुष्टि की है।
धरना प्रदर्शन में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर सिंह मरकाम, गोंडवाना गोंड महासभा के छत्तीसगढ़ अध्यक्ष अकबर राम कोराम सहित अन्य नेता शामिल हुए।
तुलेश्वर सिंह मरकाम ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे जिम्मेदार अपनी नैतिकता को भूल चुके हैं। इन क्षेत्रों में टीकाकरण नहीं होने से मीजल्स फैलने की सूचना प्रशासन को महीनों पहले से थी, फिर भी ठोस कदम नहीं उठाए गए।
उन्होंने कहा कि बैगा समुदाय को केंद्र सरकार ने विशेष पिछड़ी जनजाति और राष्ट्रीय मानव का दर्जा दिया है, राष्ट्रपति और राज्यपाल संरक्षक होते हैं। इसके बावजूद उनके कल्याण के लिए आरक्षित फंड का सदुपयोग नहीं हो रहा।
आदिवासी नेताओं ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने इस घटना को राष्ट्रीय बैगा त्रासदी घोषित करने और मृतक बच्चों के स्वजन को एक-एक करोड़ का मुआवजा देने की मांग की है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर राज्य सरकार को घेरा।
उन्होंने लिखा कि बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मृत्यु की खबर बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक है। इस घातक बीमारी के साथ पेयजल, पोषण और समय पर इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की जान ले रहा है। यह सरकार की विफलता है।