खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा के रौद्र रूप और लगातार हो रही बारिश का सीधा असर अब तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) की शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया है।
बाढ़ के पानी के कारण शनिवार को आयोजित होने वाले विश्वविद्यालय के बहुचर्चित ‘छात्र दरबार’ की जगह तक बदलनी पड़ गई। पूर्व निर्धारित व्यवस्था के तहत छात्र दरबार का आयोजन सीनेट हॉल में होना तय था, लेकिन सीनेट हॉल के भीतर पानी भर जाने के कारण आनन-फानन में इसे छात्र सेवा केंद्र में स्थानांतरित किया गया। हालांकि, स्थान परिवर्तन के बावजूद तय समय पर छात्रों की शिकायतें और समस्याएं सुनी गईं।
प्रशासनिक भवन के चारों ओर पानी का घेरा बनने से अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और दूर-दराज से अपने काम के सिलसिले में आने वाले छात्र-छात्राओं की आवाजाही पूरी तरह जोखिम भरी हो गई है। कर्मचारियों को गंदे पानी से होकर दफ्तरों तक पहुंचना पड़ रहा है।
लालबाग प्रोफेसर कॉलोनी में बाढ़ का तांडव, घर ढूंढ रहे प्राध्यापक
विश्वविद्यालय से सटी लालबाग स्थित प्रोफेसर कॉलोनी में हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं। कॉलोनी के कई सरकारी क्वार्टरों के ग्राउंड फ्लोर में बाढ़ का पानी घुस चुका है। घरों के भीतर पानी भर जाने से कई प्राध्यापक अपने परिवारों को लेकर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भटक रहे हैं।
- गंगा के उफान से तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) का प्रशासनिक भवन और सीनेट हॉल हुआ जलमग्न
- सीनेट हॉल में पानी भरने से छात्र सेवा केंद्र में स्थानांतरित करना पड़ा शनिवार को आयोजित होने वाला ‘छात्र दरबार’
- लालबाग प्रोफेसर कॉलोनी के कई क्वार्टरों के ग्राउंड फ्लोर डूबे; राजनीति शास्त्र के शिक्षक के घर निकला खतरनाक कोबरा
- जलजमाव और विषैले जीव-जंतुओं के खौफ से हॉस्टल खाली कर घर लौट रहीं छात्राएं, कॉलोनी में आने-जाने के लिए ठेले का सहारा
गांधी विचार विभाग के शिक्षक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण वे एक माह के लिए शहर में किराए का मकान तलाश रहे हैं और फिलहाल उन्होंने अपने परिवार को एक रिश्तेदार के घर सुरक्षित भेज दिया है। कॉलोनी में आवागमन के लिए शिक्षक और उनके परिजन फिलहाल ठेले का सहारा ले रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि यदि पानी में और वृद्धि हुई, तो नाव ही आवागमन का एकमात्र विकल्प रह जाएगी।
शिक्षक के घर में निकला कोबरा, दहशत का माहौल
जलभराव के साथ ही प्रोफेसर कॉलोनी और आसपास के इलाकों में विषैले जीव-जंतुओं और सांप-बिच्छू का भारी आतंक फैल गया है। शुक्रवार की रात राजनीति शास्त्र विभाग के शिक्षक डॉ. विवेक हिंद के क्वार्टर के भीतर अचानक एक विशालकाय और विषैला कोबरा सांप निकल आया, जिससे पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई।
परिजनों द्वारा तत्काल सूचना दिए जाने के बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद कोबरा को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा। इस घटना के बाद से कॉलोनी के निवासियों में गहरा खौफ बना हुआ है। लोग अपनी कारों और दोपहिया वाहनों को पानी से बचाने के लिए कॉलोनी के मुख्य गेट के पास ऊंची जगह पर एक गार्ड के भरोसे पार्क करने को विवश हैं।
हॉस्टल छोड़ घर लौटने लगीं छात्राएं
उधर, विश्वविद्यालय के पीजी छात्रावासों के इर्द-गिर्द भी बाढ़ का पानी फैलने लगा है। चारों तरफ से पानी से घिरने और विषैले सांपों के खौफ को देखते हुए हॉस्टलों में रहने वाली छात्राओं में भारी दहशत है। सुरक्षा के मद्देनजर कई छात्राएं हॉस्टल खाली कर अपने-अपने घर लौटने लगी हैं।
छात्राओं के परिजन भी लगातार फोन कर उनकी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जता रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी विभागों और छात्रावास अधीक्षकों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।