दिशा सालियान की मौत के मामले में बांबे हाई कोर्ट द्वारा सीबीआई जांच के आदेश के बाद महाराष्ट्र के मंत्री नीतेश राणे ने कहा कि यदि शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और इस मामले में जिन अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, उनका घटना से कोई संबंध नहीं है तो उन्हें सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच से इस मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की सच्चाई सामने आएगी। राणे ने कहा कि हम पहले दिन से स्पष्ट थे कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है।
अब सीबीआई जांच शुरू होगी और एफआईआर दर्ज की जाएगी। महाराष्ट्र के मंत्री ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी अपेक्षा यह है कि जांच में कथित तौर पर साक्ष्यों को नष्ट करने और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों की भी पड़ताल की जाए।
उनके अनुसार, दिशा सालियान के साथ कथित रूप से हुए अन्याय और सुबूतों को प्रभावित करने के प्रयासों की सच्चाई जांच के दौरान सामने आनी चाहिए। हालांकि, हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को केवल आरोपों के आधार पर आरोपित नहीं माना जा सकता।