कैब और डिलीवरी कंपनी उबर ने अपने करीब 3300 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है।
यह कंपनी की वैश्विक कार्यबल का लगभग 10 प्रतिशत है। कंपनी ने यह कदम संगठन को सरल बनाने, प्रबंधन स्तर कम करने और खर्च घटाने के लिए लिया है।
उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही ने कर्मचारियों को ईमेल भेजकर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी का कारोबार काफी बढ़ा है, लेकिन इससे प्रबंधन की परतें बढ़ गईं और फैसले लेने में देरी होने लगी। अब कंपनी तेज और आसान तरीके से काम करना चाहती है।
ये होंगे बदलाव
- मैनेजर्स की संख्या करीब 20 प्रतिशत कम की जाएगी। कुछ मैनेजर्स को मैनेजर पद से हटाकर सामान्य कर्मचारी की भूमिका दी जा सकती है।
- छोटी टीमों (1-2 सदस्यों वाली) की संख्या लगभग आधी कर दी जाएगी।
- डिलीवरी से जुड़ी अलग-अलग टीमें (रेस्टोरेंट, रिटेल और डायरेक्ट डिलीवरी) को एक साथ मिलाया जाएगा।
- कोर सर्विस इंजीनियरिंग और साइंस टीमों का भी मर्जर होगा।
रिमोट वर्क पर सख्ती
उबर ज्यादातर रिमोट कर्मचारियों को ऑफिस वापस बुलाने जा रही है। भविष्य में सिर्फ करीब 1 प्रतिशत कर्मचारी ही पूरी तरह रिमोट रह पाएंगे। कंपनी न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को जैसे बड़े शहरों को मुख्य हब बनाएगी। हाइब्रिड वर्क पॉलिसी (हफ्ते में तीन दिन ऑफिस) को भी सख्ती से लागू किया जाएगा।