PM मोदी और पुतिन की ‘कार डिप्लोमेसी’, एक ही कार से पहुंचे वर्ल्ड नोमाड गेम्स के उद्घाटन समारोह; दुनिया को दिया बड़ा संदेश…

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की जब भी मुलाकात होती है तो दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत रिश्तों की गर्मजोशी दिख ही जाती है। किर्गिजस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए पहुंचे दोनों नेताओं के बीच सोमवार को हुई मुलाकात में भी यही गर्मजोशी दिखी।

द्विपक्षीय बैठक के बाद जब दोनों नेता वर्ल्ड नोमाड गेम्स के उद्घाटन समारोह के लिए रवाना हुए, तो दोनों एक ही कार में साथ-साथ समारोह स्थल पर पहुंचे।

पहले भी कर चुके हैं एक ही कार से सफर

मोदी और पुतिन का एक ही कार में सफर पहली बार नहीं था। पिछले वर्ष चीन के शहर तियानजिन में एससीओ सम्मेलन के दौरान भी मोदी और पुतिन एक ही कार में 40-45 मिनट तक बातचीत करते रहे थे। इसके बाद दिसंबर, 2025 में जब पुतिन नई दिल्ली आए थे तब भी मोदी ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया था और अपनी गाड़ी में पुतिन को अपने आवास तक लाए थे।

भारतीय दल का खड़े होकर अभिवादन

प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में बिश्केक में वर्ल्ड नोमाड गेम्स के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और इसमें शामिल भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं।

आईएएनएस के अनुसार, उद्घाटन समारोह में मोदी कई वैश्विक नेताओं से बातचीत करते और अलग-अलग देशों के शुरुआती प्रदर्शन और प्रस्तुतियों को देखते हुए नजर आए। जब भारतीय दल की प्रस्तुति हुई, तो प्रधानमंत्री मोदी खड़े होकर उनका अभिवादन करते हुए दिखे।

पुतिन की चिनफिंग से वीजा मुक्त यात्रा पर बात

पुतिन ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से भी मुलाकात की। पीटीआई के अनुसार, उन्होंने दोनों देशों के बीच वीजा मुक्त यात्रा की व्यवस्था पर चर्चा की। साथ ही आपसी चिंता के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।

मोदी ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि दी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को बिश्केक में महात्मा गांधी के स्मारक पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। 2015 में अपनी किर्गिजस्तान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ही महात्मा गांधी की इस प्रतिमा का अनावरण किया था।

पीटीआई के अनुसार, प्रधानमंत्री ने बाद में ‘फ्रेंड्स ऑफ इंडिया’ समूह से मुलाकात की, जिसमें प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्य, पर्यावरण प्रेमी, योग अभ्यासकर्ता, शिक्षाविद, आईटीईसी के पूर्व छात्र और शोधकर्ता शामिल थे।

आईटीईसी के पूर्व छात्र 160 से अधिक सहयोगी देशों के वे पेशेवर हैं जिन्होंने भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आइटीईसी) कार्यक्रम के माध्यम से भारत में पूरी तरह से वित्तपोषित तकनीकी और आर्थिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए हैं।

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